तहसील क्षेत्र के सिसौंडा गांव के पास सरयू नदी में पिछले एक माह से जारी बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर नदी से बालू निकाली जा रही है और उसे ओवरलोड ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से बांधनुमा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि सड़कों पर मिट्टी और बालू बिखरने से लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष सरयू नदी की बाढ़ से क्षेत्र प्रभावित होता है और अब बाढ़ का मौसम शुरू होने में भी अधिक समय नहीं बचा है। ऐसे में एक ओर प्रशासन करोड़ों रुपये खर्च कर बाढ़ एवं कटान से बचाव के लिए सुरक्षा कार्य करा रहा है, वहीं दूसरी ओर नदी तट के समीप बड़े पैमाने पर हो रहा खनन इन प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।
