अमरावती, 14 जून (आईएएनएस)। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) के जवान रविवार को उस दो साल की बच्ची की तलाश के अभियान में शामिल हो गए, जो 6 जून से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में ताड़ के तेल (पाम ऑयल) के बागान से लापता है।
डिप्टी सीएम पवन कल्याण के निर्देश पर एनडीआरएफ ने सुनकारा ज्ञानश्वरी को खोजने का काम शुरू कर दिया है।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) पहले से ही खोज अभियान में शामिल है। एसडीआरएफ की 40 लोगों की टीम, पुलिस, राजस्व, अग्निशमन और वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर बच्ची को खोजने की कोशिश कर रही है।
शनिवार को खोज अभियान को एक झटका लगा जब उस पालतू कुत्ते की मौत हो गई जो बच्ची के साथ था जब वह लापता हुई थी।
कहा जा रहा है कि 9 जून को घर लौटने के बाद से ही कुत्ता अजीब व्यवहार कर रहा था और उसने कुछ भी नहीं खाया था।
अधिकारियों के अनुसार, जीपीएस ट्रैकर लगने के बाद से पालतू कुत्ता लगभग 80 किमी चला था। गांव के आस-पास के बागों से घर लौटने के बाद उसकी मौत हो गई। आशंका है कि उसे कोई वायरस संक्रमण हुआ था।
अधिकारियों ने मौत का कारण जानने के लिए कुत्ते के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अधिकारी बच्ची को खोजने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बच्ची के बारे में सुराग देने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक लाख रुपए के इनाम की घोषणा की है।
डिप्टी सीएम ने घटना के बारे में जानकारी ली और काकीनाडा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जी. बिंदु माधव से फोन पर बात की।
उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस और एसडीआरएफ टीमों द्वारा चलाए जा रहे खोज अभियानों के साथ-साथ एनडीआरएफ टीमों की सेवाओं का भी उपयोग किया जाए।
उन्होंने वन विभाग के नाइट वॉचर, बेस कैंप वॉचर और घने जंगलों में जाने में सक्षम विशेषज्ञों की मदद लेने और आस-पास के वन क्षेत्रों में व्यापक खोज करने की सलाह दी।
राज्य की गृह मंत्री वी. अनीता स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं। वह जिला अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।
काकीनाडा के एसपी ने बताया कि बच्ची को खोजने के लिए वर्तमान में 400 से अधिक कर्मचारी खोज अभियान में शामिल हैं और उन्नत ड्रोन का उपयोग करके बारीकी से खोज की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बच्ची के घर के आस-पास लगे 38 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई है।
ज्ञानश्वरी 6 जून को टुनी मंडल के च. अग्रहारम में एक पाम ऑयल बागान से लापता हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, बच्ची अपने माता-पिता, सुनकारा गणेश और भवानी के साथ गई थी, जो अपने पालतू कुत्ते के साथ बागान की देखभाल करने वाले के रूप में काम करते हैं।
माता-पिता के बीच गलतफहमी के कारण बच्ची लापता हो गई। घर पहुंचने पर उस जोड़े को एहसास हुआ कि उनमें से कोई भी उस लड़की को बागान से घर वापस नहीं लाया था।
उसी दिन शाम को एक ग्रामीण ने लड़की को एक पहाड़ी के पास उसके पालतू कुत्ते के साथ देखा। उसने लड़की को घर लाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता उस पर भौंका और उसे लड़की के पास जाने से रोक दिया।
अगले दिन, जोड़े ने टुनी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। 9 जून को लापता पालतू कुत्ता बिना लड़की के घर लौट आया।
12 जून को पुलिस ने पालतू कुत्ते में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगा दी, ताकि उसकी गतिविधियों से लापता बच्ची का पता लगाया जा सके। हालांकि, पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला और कुत्ते की मौत ने इस रहस्य को और बढ़ा दिया।
–आईएएनएस
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