बांग्लादेशी क्रिकेटर नईम हसन ने चटगांव में पुलिस पर लगाए दुर्व्यवहार समेत कई गंभीर आरोप


चटगांव, 13 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाज नईम हसन ने आरोप लगाया है कि उनके गृहनगर चटगांव में कानून प्रवर्तन एजेंसी के सदस्यों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें परेशान किया और कथित तौर पर मारपीट भी की। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

नईम हसन हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए बांग्लादेश की टीम में चुने गए हैं। घटना के बारे में बताते हुए नईम काफी परेशान और तनाव में दिखे। आरोप है कि यह घटना कल देर रात हुई जब नईम प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के फाइनल प्रीमियर लीग, बांग्लादेश के टॉप लिस्ट ए प्रतिगोगिता मैच में आखिरी बार खेलने के बाद घर लौट रहे थे।

‘क्रिकबज’ के मुताबिक नईम ने कहा, “मेरा प्रीमियर लीग मैच चल रहा था, मेरी फ्लाइट लेट थी। मैं एयरपोर्ट से अपनी सीएनजी से आ रहा था और रात करीब 11 बजकर 25 मिनट पर उन्होंने (पुलिस ने) लंका बाजार फ्लाईओवर के नीचे मेरी सीएनजी रोकी और ड्राइवर से दस्तावेज ले लिए।” ऑफ स्पिनर के मुताबिक, शुरुआत में वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे थे और उन्होंने अपने बैग की तलाशी लेने तक के लिए हामी भर दी थी।

नईम ने आगे बताया, “मैंने कहा, ‘तुम मेरा गला क्यों पकड़ रहे हो?’ लेकिन उन्होंने मुझे धक्का देकर बाहर निकाल दिया। फिर उन्होंने मुझे पकड़ा, पीटा और गालियां दीं।” 25 साल के इस खिलाड़ी ने आगे कहा कि नेशनल क्रिकेटर होने के नाते इस मुश्किल के शुरुआती दौर में उनके स्टेटस से कोई खास फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे यह भी कहा कि मैं एक नेशनल क्रिकेटर हूं और टेस्ट मैचों में देश का प्रतिनिधित्व करता हूं, लेकिन उन्होंने सुनने की जहमत नहीं उठाई और जब उन्हें फोन आए और मेरे बारे में बताया गया, तब उन्होंने अपना रवैया बदला।”

इन दावों पर बात करते हुए, चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (नॉर्थ) अमीरुल इस्लाम ने भरोसा दिलाया कि सही जांच चल रही है और अगर कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है तो एक्शन लिया जाएगा। अमीरुल ने पत्रकारों से कहा, “हम आपको भरोसा दिला सकते हैं कि उन्हें (नईम) इंसाफ मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम मामले की जांच कर रहे हैं और जिसने भी यह किया है उसे सजा मिलेगी। हमारी इस मामले में शून्य सहिष्णुता है, क्योंकि पुलिस का एक प्रोटोकॉल होता है और उन्हें इसे बनाए रखना चाहिए। इससे हमारी छवि जुड़ी होती है।”

–आईएएनएस

एसएम/पीएम


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