उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दालमंडी पुनर्विकास परियोजना के तहत12 और मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। ये सभी मकान पीडब्ल्यूडी द्वारा मुआवजा प्राप्त भवन स्वामियों के हैं। पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता के.के. सिंह ने जानकारी दी कि अब तक कुल 132 मकानों का ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है। शेष लगभग 50 भवनों को भी गिराया जाएगा और जून के अंत तक पूरी कार्रवाई समाप्त कर दी जाएगी।
भवन स्वामियों को मिल चुका है मुआवजा
उल्लेखनीय है कि 9 जून की रात पीडब्ल्यूडी अधिकारियों द्वारा नए मकानों की नापजोख के दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विवाद हो गया था। इसके बावजूद मुआवजा प्राप्त मकानों पर कार्रवाई जारी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि दालमंडी को चौड़ा कर आवागमन को सुगम बनाने के लिए यह परियोजना जरूरी है। ध्वस्तीकरण के बाद सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
यातायात समस्या को हल करने के लिए यह ध्वस्तीकरण जारूरी
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी क्षेत्र में यातायात की समस्या को हल करने के लिए यह ध्वस्तीकरण आवश्यक है। इसके साथ ही, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी मुआवजा प्राप्त भवन स्वामियों को उचित मुआवजा दिया गया है। इस परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जून के अंत तक सभी आवश्यक कार्य पूरे हो सकें। इसके बाद, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य आरंभ होगा, जिससे दालमंडी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति में सुधार होगा।
