मुंबई, 9 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल ने मंगलवार को घोषणा की कि सीईटी परीक्षाओं, सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस, स्कॉलरशिप स्कीम और एडमिशन से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में छात्रों को सही जानकारी और मार्गदर्शन देने के लिए हर जिले में सीईटी सेल स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर शुरू किए जाएंगे।
ये सेंटर छात्रों को जिला स्तर पर ही सही जानकारी और मदद पाने में मदद करेंगे।
राज्य के 36 जिलों में कुल 40 सीईटी स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर बनाए जाएंगे। मुंबई में तीन सेंटर होंगे, जबकि पुणे और नागपुर में दो-दो सेंटर होंगे। 40 सेंटरों में से 26 का काम पूरा हो चुका है और छह अंतिम चरण में हैं। बाकी आठ सेंटर भी जल्द ही चालू हो जाएंगे। इन सेंटरों की सेवाएं 10 जून से शुरू होंगी। यह फैसला सभी जिलों में सीईटी स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटरों की स्थिति की समीक्षा के लिए मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया।
मंत्री पाटिल ने कहा कि छात्रों को एडमिशन प्रोसेस के हर चरण में भरोसेमंद जानकारी और सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए। इन सेंटरों की योजना इसलिए बनाई गई है ताकि छात्रों, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के छात्रों को एडमिशन से जुड़े कामों के लिए बार-बार बड़े शहरों में न जाना पड़े। ये सेंटर छात्रों को उनके अपने जिले में ही एडमिशन प्रोसेस, स्कॉलरशिप स्कीम और ज़रूरी मार्गदर्शन के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।
मंत्री के मुताबिक, ये सेंटर जिले के शिक्षण संस्थानों, सीईटी सेल के तहत काम करने वाले परीक्षा केंद्रों और महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल के बीच तालमेल बिठाएंगे। वे सीईटी सेल के विषयों और सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस से जुड़ी तकनीकी और अन्य जरूरी जानकारी देंगे। ये सेंटर छात्रों के सवालों और शिकायतों को सुलझाने में मदद करेंगे।
लंबित शिकायतों के लिए, सेंटर संबंधित कार्यालयों और अधिकारियों से जानकारी लेंगे और शिकायतों के समाधान में मदद करेंगे। छात्रों को उनकी रुचि, योग्यता और क्षमताओं के आधार पर सही कोर्स, डिग्री और शिक्षण संस्थान चुनने में भी मार्गदर्शन मिलेगा। सीईटी परीक्षाओं और सीएपी राउंड से जुड़ी जानकारी, जिसमें कोर्स, योग्यता के मानदंड, परीक्षा का पैटर्न, शेड्यूल और आवेदन प्रक्रिया शामिल है, छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सेंटर विभिन्न स्कॉलरशिप स्कीम और उनकी योग्यता के मानदंडों के बारे में भी जानकारी देंगे।
ये सेंटर सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस के बाद एडमिशन कन्फर्मेशन से जुड़े सवालों के मामले में छात्रों की मदद करेंगे। वे करियर गाइडेंस और प्रेडिक्टिव काउंसलिंग भी देंगे। सीएपी, सीईटी पोर्टल और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के लिए फ्रंट डेस्क पर मदद मिलेगी। इसमें जरूरी दस्तावेज, परीक्षा हॉल के नियम और उससे जुड़ी दूसरी बातें शामिल हैं।
ये सेंटर एकेडमिक काउंसलिंग, इंटर्नशिप और नौकरी के मौके भी देंगे। एप्लीकेशन फॉर्म भरने, एप्लीकेशन फीस जमा करने, दस्तावेज अपलोड करने, हॉल टिकट से जुड़ी समस्याओं और सीएपी या सीईटी फॉर्म से जुड़ी गाइडेंस के लिए मदद दी जाएगी।
तकनीकी और पेमेंट से जुड़ी शिकायतों, जैसे पेमेंट गेटवे की समस्या, दस्तावेज, फोटो और सिग्नेचर अपडेट करने और दस्तावेजों में गलतियों को भी इन सेंटरों पर ठीक किया जाएगा। रिलीज में कहा गया है कि छात्रों के सवालों और शिकायतों को सेंटर लेवल पर ही सुलझाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए ऊंचे लेवल पर भेजा जाएगा।
–आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
