मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके जाने से बॉलीवुड में शोक की लहर है। ऐसे में उनके करियर के साथ-साथ उनसे जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी चर्चा में हैं। इनमें सबसे खास किस्सा अभिनेता गोविंदा से जुड़ा है, जिनके अंदर छिपे सुपरस्टार को सबसे पहले पहलाज ने ही पहचाना था।
पहलाज निहलानी का झुकाव बचपन से ही फिल्मों और मनोरंजन की दुनिया की ओर था। उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत साल 1982 में फिल्म ‘हथकड़ी’ से की। इस फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय और संजीव कुमार जैसे बड़े कलाकार नजर आए थे। इसके बाद 1985 में आई ‘आंधी-तूफान’ ने उन्हें एक सफल निर्माता के रूप में पहचान दिलाई। धीरे-धीरे उनका नाम उन निर्माताओं में शामिल हो गया जिनकी फिल्मों का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते थे।
उनके करियर का सबसे अहम मोड़ साल 1986 में आया, जब उन्होंने फिल्म ‘इल्जाम’ बनई। इसी फिल्म से गोविंदा ने बतौर हीरो बॉलीवुड में कदम रखा। इस मौके से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद पहलाज निहलानी ने इंटरव्यूज में कई बार सुनाया था। उन्होंने बताया, ”जब पहली बार गोविंदा मुझसे मिलने आए थे, तब उनका चेहरा और लुक मुझे कुछ खास नहीं लगा था। मुझे शक था कि शायद यह लड़का बड़े पर्दे पर उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाएगा। लेकिन अगले ही दिन गोविंदा अपने डांस का वीडियो लेकर पहुंचे। वीडियो देखते ही मेरी राय पूरी तरह बदल गई। मैंने गोविंदा की एनर्जी, डांस और आत्मविश्वास को देखकर तुरंत फैसला कर लिया कि यही मेरी फिल्म का हीरो होगा। यह फैसला बाद में हिंदी सिनेमा के सबसे सफल फैसलों में से एक साबित हुआ।”
‘इल्जाम’ की सफलता ने गोविंदा को रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद पहलाज निहलानी और गोविंदा की जोड़ी ने कई सफल फिल्में दीं। ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े। खासतौर पर ‘आंखें’ उस समय की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई। इन फिल्मों ने गोविंदा को सुपरस्टार बना दिया।
पहलाज निहलानी ने सिर्फ गोविंदा ही नहीं बल्कि कई अन्य कलाकारों को भी अवसर दिए। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, कॉमेडी और पारिवारिक भावनाओं का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता था। उन्होंने ‘अंदाज’, ‘तलाश’, ‘जूली 2’ और ‘रंगीला राजा’ जैसी फिल्मों का निर्माण भी किया। फिल्म निर्माण के अलावा वह साल 2015 से 2017 तक सीबीएफसी के अध्यक्ष भी रहे।
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