लखनऊ की तंग गलियों से निकलकर भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा तक पहुंचने वाले युवा लेग स्पिनर जीशान अंसारी की कड़ी मेहनत का फल उन्हें मिल गया है। शहर के जीशान अंसारी को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पूर्व भारतीय टीम के कैंप में नेट बॉलर के तौर पर शामिल होने का बुलावा मिला है। अपनी फिरकी के जादू से भारतीय बल्लेबाजों को चुनौती देने के लिए जीशान चंडीगढ़ स्थित टीम कैंप में शामिल होने के लिए रवाना हो गए हैं।
विजय हजारे में दिखा चुके अपनी काबिलियत
आईपीएल-25 में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के साथ अपने सफर की शुरुआत करने वाले जीशान के लिए पिछला सीजन भले ही मैचों के लिहाज से चुनौती भरा रहा हो, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में मात्र आठ मैचों में 21 विकेट चटकाकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की थी। इस दौरान सनराइजर्स के मुख्य कोच और दिग्गज स्पिनर डेनियल वेटोरी की देखरेख में उन्होंने अपनी गेंदबाजी की बारीकियों पर जो विशेष काम किया है, उसका लाभ अब उन्हें भारतीय टीम के नेट्स में मिलेगा।
स्पिन की पेचीदगियों से भारतीय बल्लेबाजों को रूबरू कराएंगे जीशान
जीशान अपनी गूगली, आर्म-बॉल और सटीक लाइन-लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन की पेचीदगियों से रूबरू कराएंगे। यह अवसर जीशान के लिए खुद को शीर्ष स्तर पर साबित करने और दिग्गज खिलाड़ियों की कार्यशैली को करीब से देखने का सुनहरा मंच है। लखनऊ का यह युवा अब टीम इंडिया के कैंप में अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अफगानिस्तान से मैच से पहले बुलावा
अफगानिस्तान की टीम में मौजूद स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को तैयार करने के लिए जीशान की भूमिका निर्णायक होगी। जीशान के कोच गोपाल सिंह ने बताया कि शुभमन गिल और अन्य दिग्गज बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करना जीशान के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
