उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और स्थानीय निकाय कर्मियों को बड़ा राहत पैकेज देते हुए महंगाई भत्ता (डीए) 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का यह फैसला एक जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। बढ़े हुए डीए का भुगतान मई 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक संस्थानों, यूजीसी वेतनमान में कार्यरत अधिकारियों, कार्यप्रभारित कर्मचारियों और शहरी स्थानीय निकायों के नियमित कर्मियों को भी इसका फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से 22 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है।
रिटायर कर्मचारियों को बड़ी राहत
सरकार ने उन कर्मचारियों को राहत दी है जो एक जनवरी 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं या अगले छह महीने में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि नकद दी जाएगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
- राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी
- सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी
- प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी
- शहरी स्थानीय निकाय कर्मी
- कार्यप्रभारित कर्मचारी
- यूजीसी वेतनमान में कार्यरत अधिकारी
चार महीने का एरियर नकद नहीं मिलेगा
सरकार ने जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक के एरियर भुगतान को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था तय की है। शासनादेश के अनुसार एरियर की राशि सीधे हाथ में नहीं दी जाएगी। आयकर और सरचार्ज कटौती के बाद रकम कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में जमा होगी। यह राशि एक मई 2027 तक लॉक रहेगी और उससे पहले निकासी नहीं हो सकेगी। जिन कर्मचारियों का जीपीएफ खाता नहीं है, उन्हें एरियर की राशि पीपीएफ या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) के रूप में दी जाएगी। यदि पूरी राशि के बराबर एनएससी उपलब्ध नहीं हुआ तो शेष रकम नकद दी जाएगी।
एनपीएस कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े कर्मचारियों के लिए सरकार ने अलग प्रावधान किया है। एरियर का 10 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी के टियर-1 खाते में जमा होगा, जबकि सरकार 14 प्रतिशत अंशदान करेगी। शेष 90 प्रतिशत राशि पीपीएफ या एनएससी के रूप में दी जाएगी।
16 लाख से अधिक कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा
वित्त विभाग द्वारा जारी इस आदेश का लाभ उत्तर प्रदेश के करीब 16 लाख सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाखों पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
