मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और गर्मी से जुड़ी अन्य समस्याओं से लोगों को बचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें तथा राहत-बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस दौर में लोगों को सबसे अधिक परेशानी बिजली कटौती और पानी की कमी से होती है, इसलिए इन व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में नियमित समीक्षा करें और जहां भी समस्या हो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
दोपहर में बच्चों को अनावश्यक बाहर न निकलने दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि यही वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि दोपहर के समय बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाते रहें। बुजुर्गों को तेज धूप से बचाने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने लोगों से हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, अधिक पानी पीने, ओआरएस और नींबू पानी का सेवन करने तथा धूप में निकलते समय सिर ढकने की अपील की।
कार्यस्थलों पर पेयजल व छाया सुनिश्चित की जाए
मुख्यमंत्री ने आग लगने की घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। खेतों, बाजारों, गोदामों और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए। फायर विभाग को भी पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और मजदूरों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अत्यधिक गर्मी में लगातार काम कराने से बचा जाए।
