कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 135 अंक फिसला

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मुंबई, 21 मई (केसरिया न्यूज़)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी50 और सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि आईटी और एफएमसीजी शेयरों पर दबाव बना रहा।

इस दौरान, निफ्टी50 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 23,654.70 पर बंद हुआ, तो वहीं सेंसेक्स 135.03 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 75,732.42 पर खुलकर 75,945.79 का इंट्रा-डे हाई और 74,996.78 का लो बनाया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,830.05 पर खुलकर 23,859.90 का दिन का हाई और 23,596.60 का लो बनाया। व्यापक बाजारों में, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप इेंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली।

वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी एफएमजीसी, निफ्टी आईटी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया।

निफ्टी50 इंडेक्स में ग्रासिम, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज-ऑटो, ट्रेंट, बीईएल, एचडीएफसी लाइफ, मैक्सहेल्थ, हिंडाल्को और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फिनसर्व, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारती एयरटेल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।

इस दौरान, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 461 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को इस सत्र में करीब 1 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ।

एक मार्केट एक्सपर्ट्स ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आया, जिससे महंगाई, रुपए की कमजोरी और कंपनियों की लागत बढ़ने को लेकर चिंता दोबारा बढ़ गई।

सेक्टोरल स्तर पर आईटी और एफएमसीजी शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डालने वाले सेक्टर रहे। हालांकि वैश्विक टेक शेयरों से सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने आईटी शेयरों में मुनाफावसूली करना बेहतर समझा।

एक्सपर्ट ने आगे बताया कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता सीमित रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियों के बाद ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका बढ़ गई है।

वहीं भारतीय रुपया आरबीआई के प्रयासों के बावजूद रिकॉर्ड निचले स्तरों के आसपास बना हुआ है, जिससे विदेशी निवेश प्रवाह और अर्थव्यवस्था पर दबाव की चिंता बनी हुई है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी 50 ने 23,800 के अहम स्तर के ऊपर मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन भर बिकवाली का दबाव बना रहा और अंत में इंडेक्स करीब 23,650 के स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ संकेत मिलता है कि ऊपरी स्तरों पर अब भी बिकवाली जारी है।

विश्लेषकों के अनुसार, 23,700 और 23,800 का स्तर फिलहाल बाजार के लिए मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इसके ऊपर 24,000 का स्तर सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक अवरोध माना जा रहा है। वहीं नीचे की तरफ 23,500 से 23,600 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। अगर बाजार 23,600 के नीचे जाता है तो फिर से तेज बिकवाली देखने को मिल सकती है।

मोमेंटम इंडिकेटर आरएसआई (14) फिलहाल 44 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में अभी मजबूत तेजी का संकेत नहीं है और फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कमजोर रुख के साथ कारोबार कर सकता है।

–केसरिया न्यूज़

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