एक-चीन ढांचा अडिग है : थाईवान मामलों का कार्यालय


बीजिंग, 19 मई (आईएएनएस)। 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा ने एक बार फिर थाईवान से सम्बंधित प्रस्ताव को अपने एजेंडे में शामिल न करने का निर्णय लिया।

इसके जवाब में, चीनी राज्य परिषद के थाईवान मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता छन पिनहुआ ने 18 मई को कहा कि यह लगातार दसवां वर्ष है जब विश्व स्वास्थ्य सभा ने गिने-चुने देशों द्वारा प्रस्तुत थाईवान से सम्बंधित तथाकथित प्रस्तावों को खारिज किया है। यह निर्णय इस बात की पुष्टि करता है कि एक-चीन सिद्धांत का पालन करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहमति, जनता की इच्छा, समय की मांग और मूलभूत सिद्धांत है। एक-चीन सिद्धांत के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता का मूल ढांचा निर्विवाद और अडिग है। यह इस बात की भी पुष्टि करता है कि डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के अधिकारियों का ‘थाईवान की स्वतंत्रता’ के अलगाववादी रुख पर अड़े रहने, एक-चीन सिद्धांत को समाहित करने वाली ‘1992 की सहमति’ को मानने से इनकार करने और विश्व स्वास्थ्य सभा में थाईवान की भागीदारी के सम्बंध में शॉर्टकट अपनाने और तथाकथित ‘सफलता’ हासिल करने का प्रयास विफल होना तय है।

छन पिनहुआ ने बताया कि थाईवान चीन का थाईवान है और थाईवान में रहने वाले हमारे देशबंधु और हमारे रिश्तेदार हैं। हम थाईवान में रहने वाले अपने देशबंधुओं के स्वास्थ्य और कल्याण को हमेशा ध्यान में रखते हैं। विश्व स्वास्थ्य सभा में थाईवान की भागीदारी न होने पर भी, हमने एक-चीन सिद्धांत के आधार पर वैश्विक स्वास्थ्य में थाईवान की भागीदारी के लिए उचित व्यवस्था की है। पिछले एक वर्ष में, थाईवान के 18 चिकित्सा विशेषज्ञों ने डब्ल्यूएचओ की तकनीकी गतिविधियों में भाग लिया है। अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के ढांचे के तहत, थाईवान डब्ल्यूएचओ द्वारा विश्व को सूचित की जाने वाली किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन जानकारी को तुरंत प्राप्त करने और रिपोर्ट करने में सक्षम है। यह पूरी तरह से दर्शाता है कि हम अपने देशबंधुओं की स्वास्थ्य सम्बंधी चिंताओं को गंभीरता से संबोधित कर रहे हैं और थाईवान में हमारे देशबंधुओं के स्वास्थ्य अधिकारों की प्रभावी रूप से गारंटी दी गई है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

एबीएम/


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