मुंबई, 19 मई (आईएएनएस)। अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि ने मौजूदा दौर में एक्टर्स के अपनाए जा रहे पब्लिसिटी स्टंट को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कई एक्टर्स वास्तविक काम करने के बजाय सिर्फ अतरंगी कपड़ों को लेकर और पीआर की वजह से सुर्खियों में बने रहना पसंद करते हैं।
आईएएनएस से बातचीत में मीनाक्षी शेषाद्रि ने कहा, “आपने फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ देखी होगी, जिसमें कहा गया था कि यहां सिर्फ एंटरटेनमेंट चलता है। कुछ लोग बिना कोई काम किए, सिर्फ मीडिया और पब्लिसिटी के जरिए खबरें बनाते हैं। मैं उनमें से नहीं हूं। मुझे पसंद है कि मेरा काम खुद मेरी पहचान बनाए।”
अभिनेत्री ने अंग्रेजी कहावत ‘सफलता जैसी कोई सफलता नहीं’ का हवाला देते हुए बताया, “ सफलता हासिल करने का सबसे सही तरीका अच्छा काम करना है, इसलिए पहला लक्ष्य काम और कला के जरिए सफलता हासिल करना होना चाहिए। उसके बाद सारी सीढ़ियां और दरवाजे अपने आप खुल जाते हैं।”
इंडस्ट्री में पीआर गेम के साथ ही ट्रोलिंग कल्चर पर हाल ही में अभिनेत्री अमीषा पटेल भी अपनी राय रखती नजर आईं थीं। अपने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने कहा था कि भारत में अपने ही लोग एक्टर्स को हॉलीवुड सितारों से भी ज्यादा बुरी तरह ट्रोल करते हैं, जो बेहद दुखद और शर्मनाक है।
अमीषा ने एक्स पर लिखा था कि भारतीय मानसिकता अब दूसरों को नीचे गिराने वाली हो गई है। उन्होंने बड़े इवेंट्स में अभिनेत्रियों के लुक और पहनावे को लेकर फैल रही नकारात्मकता पर भी नाराजगी जताई थी।
इसके अलावा, अमीषा ने यंग एक्टर्स पर तंज कसते हुए कहा था कि जिन्होंने कभी 200 करोड़ क्लब की फिल्म तक नहीं दी है, वे पीआर टीम को पैसे देकर खुद को नंबर 1 बता रही हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने ‘कहो ना प्यार है’, ‘गदर’ और ‘गदर 2’ जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, लेकिन उनकी पीआर मशीनरी फर्जी नहीं होने के कारण कमजोर है।
–आईएएनएस
एमटी/एएस
