मंदिरों के सोने को मोनेटाइज करने के किसी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली: केंद्र

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नई दिल्ली, 19 मई (केसरिया न्यूज़)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार मंदिर ट्रस्ट और धार्मिक संस्थानों के सोने को मोनेटाइज करने के लिए योजना लाने की तैयारी कर रही है।

वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में यह झूठा दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार मंदिरों के गोल्ड रिजर्व के बदले उन्हें गोल्ड बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही है या उसने मंदिरों के गोल्ड रिजर्व के मोनेटाइज के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

बयान में कहा गया है, “देश भर में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास मौजूद सोने के मोनेटाइज की सरकारी योजना शुरू करने की अटकलें और अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं।”

सरकार ने उन दावों को भी खारिज कर दिया है कि मंदिर के शिखरों, दरवाजों या अन्य मंदिर संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को “भारत के रणनीतिक स्वर्ण भंडार” के रूप में माना जाएगा। मंत्रालय ने आगे कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि मंदिर के शिखरों, दरवाजों या अन्य मंदिर संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को ‘भारत के रणनीतिक स्वर्ण भंडार’ के रूप में माने जाने के दावे झूठे, भ्रामक और पूरी तरह निराधार हैं।”

सरकार ने नागरिकों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करने और उन्हें न फैलाने का आग्रह किया, और चेतावनी दी कि अपुष्ट जानकारी के प्रसार से अनावश्यक भ्रम पैदा हो सकता है और जनता गुमराह हो सकती है।

सरकार ने लोगों को नीतिगत निर्णयों और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत चैनलों के माध्यम से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी।

सरकार ने कहा कि ऐसी कोई भी नीतिगत घोषणा आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित सार्वजनिक संचार प्लेटफार्मों के माध्यम से ही प्रसारित की जाएगी।

–केसरिया न्यूज़

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