पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और अंडमान-निकोबार प्रशासन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर: सीआर पाटिल


नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सोमवार को बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह प्रशासन के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

एक्स पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि पीएम मोदी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में ‘हर घर जल’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आज जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह प्रशासन के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू दूरस्थ एवं द्वीपीय क्षेत्रों में सुरक्षित, नियमित एवं सतत पेयजल सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा मंत्रालय और यूटी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दूसरे पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन एवं विकसित भारत के उनके संकल्प के अनुरूप, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय एवं पश्चिम बंगाल सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी राज्य में सुरक्षित, विश्वसनीय एवं सतत पेयजल सेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान करेगी।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी वर्चुअली जुड़े तथा राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की। पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित पेयजल सेवाओं का विस्तार न केवल लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा, बल्कि समावेशी विकास एवं जन सहभागिता आधारित सुशासन को भी सशक्त करेगा।

इस अवसर पर राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

पीएम मोदी के नीदरलैंड्स दौरे का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स के अपने दौरे के दौरान मशहूर डैम का दौरा किया, जो गुजरात के बड़े कल्पसर प्रोजेक्ट से मिलता-जुलता है। भारत के गुजरात का कल्पसर प्रोजेक्ट एक मल्टी-पर्पस प्रोजेक्ट है जिसका मकसद गुजरात में खंभात की खाड़ी के दोनों किनारों को जोड़कर एक मीठे पानी का बड़ा सरोवर डैम बनाना है और इस तरह बिजली बनाने, सिंचाई, इंडस्ट्री और पीने के लिए साफ पानी देना है।

–आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम


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