प्रदेश में गुरुवार से जनगणना-2027 की शुरुआत होने जा रही है। पहली बार होने वाली डिजिटल जनगणना में लोगों को स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिससे वह घर बैठे जनगणना फार्म खुद भर सकेंगे। इस प्रक्रिया में मिलने वाली ‘एच’ अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एसई -आइडी सबसे महत्वपूर्ण होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है।यह कोई ओटीपी नहीं है बल्कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के सत्यापन की मुख्य कुंजी होगी, जिसे 22 मई से घर-घर पहुंचने वाले गणनाकर्मियों के साथ ही साझा करना है। जनगणना के दौरान किसी प्रकार की बैंक की जानकारी, आधार संख्या या अन्य कोई दस्तावेज नहीं देना है।
प्रदेश में गुरुवार से जनगणना-2027 की शुरुआत होने जा रही है। पहली बार होने वाली डिजिटल जनगणना में लोगों को स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिससे वह घर बैठे जनगणना फार्म खुद भर सकेंगे। इस प्रक्रिया में मिलने वाली ‘एच’ अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एसई -आइडी सबसे महत्वपूर्ण होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है।
यह कोई ओटीपी नहीं है बल्कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के सत्यापन की मुख्य कुंजी होगी, जिसे 22 मई से घर-घर पहुंचने वाले गणनाकर्मियों के साथ ही साझा करना है। जनगणना के दौरान किसी प्रकार की बैंक की जानकारी, आधार संख्या या अन्य कोई दस्तावेज नहीं देना है।
जनगणना में डिजिटल मैप और एआइ का उपयोग
जनगणना का पहला चरण हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का होगा। इसमें घरों की स्थिति, सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 में देशभर में जनसंख्या गणना का होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार, जातिगत, प्रवासन और प्रजनन से जुड़े आंकड़े लिए जाएंगे।
इस बार डिजिटल डाटा कलेक्शन, स्वगणना पोर्टल और जाति गणना जैसी नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। डिजिटल मैप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया गया है। इससे डाटा जल्दी जारी किया जा सकेगा। साथ ही, साइबर सुरक्षा और एन्क्रिप्शन के जरिये डाटा की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है।
