लोकसभा और विधानसभा चुनाव में 12 वर्ष में भाजपा सहित पांच राजनीतिक दलों के लिए छह राज्यों में चुनावी रणनीति तैयार करने वाली कंपनी आई-पैक के साथ समाजवादी पार्टी ने करार समाप्त कर लिया है।
विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की पराजय के सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यह फैसला किया है।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया के समझ कहा कि समाजवादी पार्टी के पास धन की कमी है। इसी कारण हमने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के साथ करार समाप्त करने का फैसला किया है।
उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की वजह हाल के चुनावी नतीजे थे।अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले थोड़े समय के लिए I-PAC को काम पर रखा था, लेकिन इस व्यवस्था को जारी नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि हां, हमारा इस कंपनी के साथ करार हुआ था। उन्होंने हमारे साथ कुछ महीनों तक काम किया, लेकिन हम इसे जारी नहीं रख पा रहे हैं। हमारे पास उस तरह का फंड नहीं है, कि हम चुनाव की योजना बनाने पर खर्च कर सकें।
सपा प्रमुख ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी के इकोसिस्टम पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि हमने सोचा था कि अगर हमें किसी ‘जीत दिलाने वाली एजेंसी’ के साथ काम करना है, तो ऐसी कई बड़ी कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सर्वे कराने, दूसरी फर्म को हायर करने, सोशल मीडिया कंपनी रखने और यहां तक कि दूसरी पार्टियों के खिलाफ नेगेटिव कैंपेनिंग के लिए एजेंसियों को काम पर रखने का सुझाव दिया था। एक-दो और कंपनियां भी हैं, जिनके नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं।
यादव ने इस बात को खारिज किया कि उनका आई-पैक के साथ डील खत्म करने का फैसला पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हाल के चुनावी नतीजों से प्रभावित था। ऐसी कोई बात नहीं है। बेबुनियाद रिपोर्टों के आधार पर सवाल न पूछें। यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि समझौता खत्म करने की वजह, हमारे पास पर्याप्त फंड नहीं है। अगर आप (मीडिया) हमें फंड दें, तो हम दूसरी कंपनी हायर कर सकते हैं।
