किसान ने हाई-टेक पॉली हाउस से अपनाई 'जहर मुक्त खेती', अब हो रही अच्छी आमदनी


बिलावर (कठुआ), 4 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले स्थित बिलावर क्षेत्र में एक प्रगतिशील किसान ने सरकारी योजना का लाभ उठाकर हाई-टेक पॉली हाउस के माध्यम से ‘जहर मुक्त खेती’ का सफल मॉडल तैयार किया है। इस आधुनिक तकनीक से उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई है और वे आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।

लोकेश सुंबरिया नामक इस किसान ने सरकारी सहायता से पॉली हाउस स्थापित किया और इसके अंदर उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने पीली शिमला मिर्च, खीरा और बीन्स जैसी मांग वाली सब्जियों की जैविक खेती की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोकेश पूरी तरह केमिकल-मुक्त खेती पर जोर दे रहे हैं। वे केवल जैविक खाद का उपयोग करते हैं और हानिकारक कीटनाशकों से पूरी तरह दूर रहते हैं।

लोकेश सुंबरिया ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “यह पहल सिर्फ आमदनी बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि समाज को सुरक्षित और सेहतमंद भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी है। आजकल जहां ज्यादातर किसान अभी भी पारंपरिक गेहूं-चावल की खेती पर निर्भर हैं, वहीं हमें आधुनिक और लाभकारी खेती की ओर रुख करना चाहिए।”

उन्होंने बताया कि पॉली हाउस में मौसम के प्रभाव से मुक्ति मिलती है, जिससे साल भर फसल का उत्पादन किया जा सकता है और उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है। लोकेश ने अन्य किसानों से अपील की कि वे भी आगे आएं, नई तकनीकों को अपनाएं और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा, “सरकारी योजनाएं बहुत उपयोगी हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई किसान उनका फायदा नहीं ले पाते।” लोकेश ने केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं ने छोटे किसानों को नई दिशा और मजबूती दी है।

बिलावर क्षेत्र में लोकेश सुंबरिया की यह सफलता स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-टेक पॉली हाउस और जैविक खेती का यह मॉडल न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को भी पूरा कर रहा है।

–आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी


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