एग्जिट पोल के अनुमान असल नतीजों में तब्दील नहीं होंगे: गुलाम अहमद मीर


नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान संपन्न हो गया है। चुनाव संपन्न होने के बाद आए कई एग्जिट पोल में बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के संकेत मिले हैं। कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने दावा किया है कि यह अनुमान असल परिणाम में तब्दील नहीं होंगे।

नई दिल्ली में कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि ये सिर्फ एग्जिट पोल्स हैं। इस बार, पश्चिम बंगाल की जनता ने सोच-समझकर वोट दिया है, और वोटर अपनी पसंद को लेकर चुप रहे हैं। हमने बड़ी-बड़ी रैलियां देखीं, जो आम बात है, लेकिन अलग-अलग वोटर अपनी पसंद खुलकर नहीं बता रहे थे, इसीलिए मुझे नहीं लगता कि ये एग्जिट पोल के अनुमान असल नतीजों को दिखाएंगे। मुझे लग रहा है कि एक अच्छा चुनाव हुआ है, सभी प्रत्याशियों ने जनता के सामने अपनी बात रखी है, लेकिन असल परिणाम के लिए 4 मई का इंतजार करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस मोड़ पर किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मैं पहले ही कह चुका हूं कि एग्जिट पोल क्या संकेत दे रहे हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। अगर आप दोनों बड़ी पार्टियों को देखें तो उनके आकलन सटीक नहीं लगते। पहले चरण में जहां 152 सीटों के लिए मतदान हुआ था तो टीएमसी ने दावा किया था कि वह 150 से ज्यादा सीटें जीतेगी, जबकि भाजपा ने कहा था कि वह करीब 110 सीटें हासिल करेगी। इससे साफ होता है कि दोनों मजबूत पार्टियों का आकलन ठीक नहीं है, उन्हें जमीनी स्तर की जानकारी नहीं है।

दूसरी ओर, बंगाल चुनाव में सीएम ममता बनर्जी के 200 सीटें जीतने के दावे पर कांग्रेस प्रत्याशी अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद कोई भी जो चाहे सोच सकता है, इसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं है और ऐसे दावों पर कोई टैक्स भी नहीं लगता। बेहतर होगा कि हम नतीजे देखने के लिए 4 मई तक इंतजार करें।

विपक्षी दलों के बीच वोटों के हिस्से पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विपक्ष को निश्चित रूप से वोटों का एक बड़ा हिस्सा मिला है, क्योंकि यह काफी हद तक सत्ता-विरोधी लहर वाला मुकाबला था। हालांकि, यह उम्मीद थी कि विपक्ष को सामूहिक रूप से ज्यादा वोट मिलेंगे। दूसरे चरण पर यह कहना मुश्किल है कि विपक्ष के वोट अलग-अलग दलों के बीच किस तरह बंटे हैं।

आईपैक के डायरेक्टर को बेल मिलने पर उन्होंने कहा कि आईपैक टीम के सदस्यों को हिरासत में इसलिए लिया गया था, क्योंकि कथित तौर पर वे चुनावों के दौरान सत्ताधारी पार्टी के लिए काम कर रहे थे, इसीलिए उन्हें डराना-धमकाना जरूरी था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, इसलिए उन्हें हिरासत में रखने का कोई और कारण नहीं हो सकता। शायद भाजपा ने भी अपना रुख नरम कर लिया है।

–आईएएनएस

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