मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के निर्देश है कि किसानों का हित सर्वोपरि रखा जाय। इसी के तहत उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने गन्ना किसानों की फसल बचाने के लिए एक अहम अलर्ट जारी किया है।
इस समय गन्नों की फसल पर अंकुर बेधक (अर्ली शूटर बोरर) और चोटी बेधक कीट (टाप बोरर) का खतरा मंडरा रहा है। कीटों से फसल बचाने के लिए गन्ना विभाग के शोध वैज्ञानिकों ने अलर्ट के साथ बचाव की भी जानकारी साझा की है।
उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना के मुताबिक गन्ना किसानों को अप्रैल से जून तक इन कीटों से फसल को बचाना होगा। इससे फसलों को बचाकर अच्छी पैदावार संभव हो पाएगी। इसके लिए शोध वैज्ञानिकों ने जरूरी दवाओं के छ़िड़काव समेत अन्य अहम जानकारी दी है।
विभाग के मुताबिक प्रदेश की कुछ चीनी मिलों के क्षेत्र में गन्ने की फसल में अंकुर बेधक और चोटी बेधक कीट के प्रथम पीढ़ी का प्रकोप देखा जा रहा है। यह सूंड़ी पौधों के गोंफ को खाती हुई नीचे की ओर जाती है, जिसके कारण बीच की गोंफ सूख जाती है और खींचने पर आसानी से निकल जाती है। इसके नियन्त्रण के लिए प्रभावित पौधों को सूंड़ी और प्यूपा सहित जमीन की सतह से काटकर नष्ट करना चाहिए।
