केसरिया न्यूज़, लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयन्ती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अक्षय तृतीया भारतीय सनातन संस्कृति की उस चिरंतन चेतना का प्रतीक है, जिसमें सृजन और साधना का अखण्ड प्रवाह निहित है। यह तिथि हमें स्मरण कराती है कि भारतीय जीवन दृष्टि में भौतिक समृद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष परस्पर पूरक हैं। ‘अक्षय’ का भाव केवल धन या सम्पदा तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और समर्पण की अविनाशी परम्परा का परिचायक भी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान परशुराम जी भारतीय परम्परा में शास्त्र और शस्त्र के सन्तुलित समन्वय के आदर्श हैं। उन्होंने धर्म की स्थापना के लिए अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का जो पथ दिखाया, वह आज भी समाज के लिए उतना ही प्रासंगिक है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि धर्म की रक्षा के लिए सजगता, साहस और संकल्प अनिवार्य हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जब भारत ‘अमृतकाल’ में अपनी सांस्कृतिक अस्मिता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है, तब ऐसे पावन पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में समरसता, सद्भाव और लोक कल्याण की भावना को सशक्त करें तथा एक समर्थ, समृद्ध और संस्कारित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
