इम्फाल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के उखरुल जिले में हुए गोलीकांड की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने शनिवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए घटना की कड़ी निंदा की।
पुलिस के अनुसार, उखरुल जिले में इम्फाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने वाहनों पर फायरिंग की, जिसमें नागा समुदाय के दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान चीनाओशांग शोखवुंगनाओ (45) और यारुइंगम वाशुम (42) के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इसे एनआईए को सौंपने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की भी घोषणा की।
चीनाओशांग शोखवुंगनाओ ताशर गांव के निवासी थे और नागा रेजिमेंट के सेवानिवृत्त कर्मी थे, जबकि यारुइंगम वाशुम खरासोम गांव के निवासी थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा हूं।”
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा के साथ बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। बाद में उन्होंने कहा कि स्थिति संवेदनशील जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है और सुरक्षा बल पूरी सावधानी और संयम के साथ हालात संभाल रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न्याय सुनिश्चित करने और राज्य में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, मणिपुर मीतई पंगल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और तीन प्रमुख मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन मुद्दों को गंभीरता से ले रही है।
–आईएएनएस
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