रायपुर/बीजापुर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। माओवाद विरोधी एक बड़े अभियान में सुरक्षा बलों ने बीजापुर जिले के फरसगढ़ स्थित अन्नपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अन्नपुर के घने जंगलों में माओवादियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की एक संयुक्त टीम ने पिल्लूर-अन्नाराम की ओर अभियान चलाते हुए गुप्त भंडार का पता लगाया।
विस्फोटक सामग्री को जमीन में गाड़े गए एक सफेद प्लास्टिक के पानी के टैंक के अंदर चतुराई से छिपाया गया था। माओवादी कार्यकर्ता अक्सर इस तरह की तरकीब का इस्तेमाल करके तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) के लिए सामग्री जमा करते हैं।
बरामद सामग्री में 50 किलोग्राम सल्फर, दो बोरियों में पैक किया हुआ लगभग 100 किलोग्राम यूरिया और 10 किलोग्राम बारूद शामिल था। इन पदार्थों का इस्तेमाल वामपंथी चरमपंथी बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों पर घात लगाकर हमला करने के लिए शक्तिशाली विस्फोटक बनाने में करते हैं।
सुरक्षा बलों ने कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आकस्मिक विस्फोट या दुरुपयोग के किसी भी जोखिम को रोकने के लिए पूरे भंडार को मौके पर ही नष्ट कर दिया। बरामदगी और नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
इस सफल अभियान से दक्षिणी छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की निरंतर सतर्कता उजागर होती है।
बीजापुर जिला लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है, जहां के बीहड़ वन क्षेत्रों में अक्सर अंतर्निर्मित विस्फोट यंत्र (आईईडी) और हथियारों के जखीरे बरामद होते रहे हैं।
डीआरजी-बीडीएस की संयुक्त टीम क्षेत्र में बचे हुए माओवादी तत्वों पर दबाव बनाए रखने और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गहन तलाशी, क्षेत्र पर नियंत्रण और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने के अभियान जारी रखे हुए है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बीजापुर के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे जंगलों या आसपास के क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध वस्तु, कंटेनर या गतिविधि की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या सुरक्षा शिविर को दें। इस प्रकार का जन सहयोग संभावित खतरों को रोकने और आतंकवाद विरोधी प्रयासों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में माओवादियों की रसद क्षमताओं पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है। क्षेत्र में पूर्ण शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों के तहत, आने वाले दिनों में बीजापुर और बस्तर मंडल के अन्य हिस्सों में सुरक्षा अभियान तेज किए जाने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
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