व्हाइट हाउस टास्क फोर्स ने सोमालियन रेफरी और ईरानी स्टाफ को वीजा न देने के फैसले का बचाव किया


नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस की फीफा वर्ल्ड कप टास्क फोर्स के प्रमुख एंड्रयू गिउलियानी ने सोमाली रेफरी और ईरानी फुटबॉल टीम के कुछ सहयोगी स्टाफ को वीजा देने से इनकार किए जाने के फैसले का बचाव किया है।

सोमाली रेफरी उमर अब्दुलकादिर अर्टन को फीफा वर्ल्ड कप में मैच का संचालन करना था, लेकिन उन्हें मंगलवार को अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया गया। अर्टन उन 52 रेफरी में शामिल थे जिन्हें फीफा ने कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल के लिए चुना था। यह टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा।

टास्क फोर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड्रयू गिउलियानी ने कहा, “एक रेफरी को प्रवेश नहीं दिया गया है, हालांकि मैं विस्तार से नहीं बता सकता, लेकिन मैं आपको मोटे तौर पर यह बता सकता हूं कि ऐसा बहुत ठोस कारण से किया गया। मैं उस फैसले का समर्थन करता हूं। मैंने रविवार को होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी और सीबीपी के कमिश्नर से सीधे बात की थी। दिनों का पता नहीं चल रहा है। बहुत ठोस कारण से ही इस रेफरी को देश में आने नहीं दिया गया।”

दूसरी तरफ, ईरान ने टीम स्टाफ के लिए अमेरिकी वीजा प्रोसेस में आ रही दिक्कतों और जारी सैन्य संघर्ष के बीच सुरक्षा चिंताओं के कारण अपना ट्रेनिंग कैंप टक्सन, एरिजोना से तिजुआना, मैक्सिको शिफ्ट कर लिया। इस टीम को अमेरिका में अपने तीन ग्रुप स्टेज मैच खेलने हैं।

गिउलियानी ने कहा, “ईरान का सारा कोचिंग स्टाफ आ रहा है। कुछ ईरानी अधिकारी नहीं आ रहे हैं। फिर से, बहुत ठोस कारण से, मैं उस बारे में विस्तार से नहीं बता सकता, लेकिन जैसा कि आप सोच सकते हैं, कुछ लोग दावा करते हैं कि वे कोच हैं, जबकि हो सकता है कि वे कोच न हों।”

ईरान ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप में नेशनल टीम के ग्रुप-स्टेज मुकाबलों के लिए यात्रा की योजना बनाई है, जिसके तहत खिलाड़ी प्रत्येक मैच के लिए मैक्सिको में अपने बेस से अमेरिका के होस्ट शहरों तक यात्रा करेंगे।

गिउलियानी ने कहा, “नेशनल टीम के लिए, सभी 31 खिलाड़ियों को वीजा जारी कर दिया गया है- 26 खिलाड़ी और उनके साथ 5 अतिरिक्त खिलाड़ी भी। वे अपने मैच से एक दिन पहले देश में आ सकेंगे। वे तिजुआना में रुके हुए हैं, जो लॉस एंजिल्स से लगभग 25 मिनट की फ्लाइट की दूरी पर है। इसलिए, वहां पहुंचने के लिए उनके लिए फ्लाइट से जाना बहुत तेज और आसान रहेगा। अगर वे गाड़ी से एलए जाते हैं, तो इसमें 8 घंटे लग सकते हैं। इसलिए, मैं निश्चित रूप से उन्हें फ्लाइट से जाने की सलाह दूंगा।”

–आईएएनएस

आरएसजी


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