यरूशलम, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसने ईरान और लेबनान मोर्चे पर चल रहे युद्ध की वजह से लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है। ये प्रतिबंध लेबनान में सीजफायर (युद्धविराम) शुरू होने के बाद हटाए गए।
नए नियम शुक्रवार शाम चार बजे (इजरायल समय) से लागू हो गए। अब देश के ज्यादातर इलाकों में लोगों के इकट्ठा होने की कोई सीमा नहीं है। हालांकि, लेबनान की उत्तरी सीमा के पास के इलाकों में अभी भी शनिवार शाम तक अधिकतम 1,000 लोगों के जुटने की सीमा रहेगी।
इन प्रतिबंधों के हटने से अब ज्यादातर जगहों पर स्कूल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद के आयोजन बिना किसी रोक-टोक के हो सकेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इजरायल और लेबनान के बीच दस दिन का युद्धविराम गुरुवार और शुक्रवार की आधी रात से लागू हो गया। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान किया था। यह समझौता इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच एक महीने से ज्यादा समय से चल रही हिंसा को रोकने के लिए किया गया है, जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को कहा कि सीजफायर के बावजूद इजरायली सेना उन सभी इलाकों पर कब्जा बनाए रखेगी जिन्हें उसने “साफ करके अपने नियंत्रण में लिया है।” उन्होंने साफ किया कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि जमीनी ऑपरेशन और लेबनान में किए गए हमलों से “काफी नतीजे” मिले हैं, लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है।
उन्होंने इस बात को दोहराया कि हिज़्बुल्लाह को निहत्था करना, चाहे वह सैन्य तरीकों से हो या राजनीतिक तरीकों से, इस अभियान का मुख्य मकसद बना रहेगा।
इससे पहले, इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दक्षिणी लेबनान के लोगों को लितानी नदी के दक्षिण वाले इलाकों में वापस न लौटने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वहां अभी भी इजरायली सेना मौजूद है क्योंकि हिज़्बुल्लाह की गतिविधियां जारी हैं।
वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सीजफायर के दौरान इजरायल दक्षिणी लेबनान में दस किलोमीटर का एक सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा।
–आईएएनएस
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