मुंबई, 17 अप्रैल (केसरिया न्यूज़)। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में इक्विटी फंड्स में निवेश (नेट फ्लो) बढ़कर 46,501 करोड़ रुपए हो गया, जो फरवरी के 41,934 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत ज्यादा है।
वैलम कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में कुल नेट एसेट फ्लो में बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां निवेशकों ने मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स से पैसा निकालकर इक्विटी में निवेश बढ़ाया। रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय शेयर बाजार में आई तेज रिकवरी के कारण 59,629 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित हुआ। एक महीने में स्मॉल-कैप शेयरों में 8.1 प्रतिशत, मिड-कैप में 6.9 प्रतिशत और लार्ज-कैप में 4.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक सभी कैटेगरी में रिटर्न अभी भी नकारात्मक बना हुआ है।
वहीं, मनी मार्केट फंड्स में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। फरवरी में जहां 42,800 करोड़ रुपए का इनफ्लो था, वह मार्च में घटकर -1,94,775 करोड़ रुपए हो गया। इसी तरह फिक्स्ड इनकम फंड्स में भी आउटफ्लो बढ़कर -76,354 करोड़ रुपए हो गया, जो फरवरी में -16,919 करोड़ रुपए था। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक ब्याज दरों को लेकर सतर्क हैं या पैसा निकाल रहे हैं।
कमोडिटी फंड्स में निवेश सकारात्मक तो रहा, लेकिन इसमें तेजी कम देखने को मिली। इससे संकेत मिलता है कि सोना-चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है।
कुल मिलाकर, नेट एसेट फ्लो फरवरी के 73,589 करोड़ रुपए से बदलकर मार्च में -2,20,797 करोड़ रुपए हो गया, जिसका मुख्य कारण मनी मार्केट से बड़े पैमाने पर पैसा निकलना रहा। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर की कमजोरी और अमेरिका से निवेश का रुख बदलना एक बड़ा ट्रेंड माना जा रहा है। थीमैटिक ईटीएफ में सेमीकंडक्टर और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारत में 2026 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं, जबकि पहले पीएसयू और कंजंप्शन सेक्टर ज्यादा पसंद किए जाते थे।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि निवेशक अब ज्यादा सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। मार्च में लार्ज-कैप फंड्स में 28,558 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो फरवरी से 19,242 करोड़ रुपए ज्यादा है। फ्लेक्सी-कैप और मिड-कैप में भी लगातार निवेश जारी रहा। वहीं, आर्बिट्राज फंड्स से 22,182 करोड़ रुपए की निकासी हुई और डायनेमिक स्ट्रैटेजी फंडों से भी पूंजी का नुकसान हुआ है।
–केसरिया न्यूज़
