किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर में गुरुवार को करीब एक घंटे तक सर्वर ठप रहने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। इस दौरान गंभीर मरीजों के इलाज में देरी हुई और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर करीब एक बजे अचानक सर्वर डाउन हो गया, जिससे अस्पताल की आनलाइन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। इसका असर सबसे ज्यादा पैथोलाजी, रेडियोलाजी और इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ा। मरीजों के खून के सैंपल जमा नहीं हो सके और जांच रिपोर्ट मिलने में भी देरी हुई।ट्रामा सेंटर में 464 बेड हैं। यहां प्रदेशभर से प्रतिदिन 600-650 गंभीर मरीज आते हैं। अचानक सर्वर डाउन होने से अफरातफरी का माहौल बन गया। गैलरी से लेकर काउंटर तक लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सर्वर बंद होने से इमरजेंसी पंजीकरण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
इसकी वजह से कई मरीजों का इलाज शुरू होने में देरी हुई। डिजिटल सिस्टम पर निर्भर ऐसे बड़े अस्पतालों में तकनीकी खराबी सीधे मरीजों के इलाज को प्रभावित करती है।
कर्मचारियों को मजबूरी में मैनुअल सिस्टम अपनाना पड़ा। इससे काम की रफ्तार धीमी हो गई और भीड़ बढ़ती चली गई। इस दौरान कई मरीज स्ट्रेचर पर इंतजार करते रहे, जबकि जरूरी जांच समय पर नहीं हो सकीं।
प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, सर्वर में आई तकनीकी दिक्कत के कारण यह समस्या हुई। कुछ समय के लिए सर्वर में गड़बड़ी आई थी, जिसे जल्द ठीक कर लिया गया। करीब एक घंटे बाद सर्वर बहाल होने पर सेवाएं सामान्य हो गईं।
