उत्तर प्रदेश को 49 नए बस अड्डों की सौगात मिलने जा रही है, जो बिल्कुल हवाई अड्डे जैसी जन सुविधाओं से लैस होंगे. इनका निर्माण निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा, जिसके प्रस्ताव को मंजूरी उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को दे दी. परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस निर्णय की जानकारी देते हुए प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर 49 और बस अड्डों के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है.
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 23 बस अड्डों को बनाने की मंजूरी कैबिनेट से मिल चुकी थी, जिनमें लखनऊ, कानपुर तथा आगरा के तीन-तीन बस अड्डे शामिल हैं. सिंह ने बताया कि इन बस अड्डों पर वीआईपी लाउंज, रेस्तरां और सिनेमा हॉल समेत वे सभी सुविधाएं होंगी जो हवाई अड्डों पर मिलती हैं. उन्होंने बताया कि लखनऊ के गोमती नगर में एक हजार करोड़ रुपये की लागत से ऐसा बस अड्डा बनाया जा रहा है.
4000 करोड़ का आएगा निवेश
उन्होंने बताया कि इससे करीब 4000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और इससे पहले जो 23 बस अड्डे स्वीकृत हुए थे, उनके लिए करीब 2500 करोड़ रुपये का निवेश आया था.
जल्द ही निविदा होगी जारी
उन्होंने बताया कि आज 49 बस अड्डों के लिए मंजूरी मिलने के साथ ही अब प्रदेश के कुल 52 जिलों को इसके तहत आच्छादित किया जा रहा है और जो 23 जिले बच जाएंगे, उनमें अगले चरण में बस अड्डे बनाने की कोशिश की जाएगी. परिवहन राज्य मंत्री ने बताया कि इन नए बस अड्डों के निर्माण के लिए बहुत जल्द निविदा जारी की जाएगी और जो भी विकासकर्ता आएंगे, उन्हीं में से एक का चयन किया जाएगा.
