हैदराबाद, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को भाजपा पर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन में दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने सीटों की संख्या आनुपातिक आधार पर बढ़ाने के लिए एक आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया।
मंगलवार को डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने दोहराया कि भाजपा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के संबंध में दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय करने की साजिशों में लिप्त है।
उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत के मानदंड के आधार पर सीटें बढ़ाने की आड़ में वे दक्षिणी राज्यों को आवंटित सीटों का कोटा कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करना होगा कि दक्षिणी राज्यों में सीटों की संख्या आनुपातिक आधार पर बढ़ाई जाए।
रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि उनकी सरकार किसी भी नेक काम में हमेशा सबसे आगे रहेगी। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत के मानदंड पर आधारित परिसीमन के परिणामस्वरूप दक्षिणी राज्यों में महिलाओं के साथ-साथ अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के साथ भी अन्याय होगा।
रेवंत रेड्डी ने बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जाने में उनकी भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी महात्मा गांधी की। उन्होंने उन्हें इस राष्ट्र की दो आंखें बताया।
उन्होंने कहा कि जहां महात्मा गांधी ने यह साबित किया कि बिना एक बूंद खून बहाए शांतिपूर्ण ढंग से युद्ध जीता जा सकता है, वहीं बाबासाहेब अंबेडकर ने यह प्रदर्शित किया कि एक राष्ट्र का शासन इस तरह से चलाया जा सकता है जो पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबेडकर का दृढ़ विश्वास था कि केवल शिक्षा में ही जीवन को बदलने की शक्ति है। अंबेडकर का दर्शन ही लोकतांत्रिक शासन का मूल सार है।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के माध्यम से ही कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने तेलंगाना राज्य के गठन में सहायता की थी। उन्होंने कहा कि समाज के हाशिए पर पड़े और कमज़ोर वर्गों ने तेलंगाना आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
–आईएएनएस
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