तारिक रहमान का नेतृत्व बांग्लादेश-भारत संबंधों के ल‍िए नया अवसर: र‍िपोर्ट


ढाका, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। स्थानीय मीडिया ने इस सप्ताह बताया कि बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में देश की नई सरकार के पास भारत के साथ अपने सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने का मौका है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने बार-बार साबित किया है कि वह बांग्लादेश का भरोसेमंद साझेदार है। भारत ने बांग्लादेश में आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर (ढांचा) निर्माण और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद की है।

‘ढाका ट्रिब्यून’ के एक संपादकीय में कहा गया, “2026 के चुनावों के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव ने दक्षिण एशियाई कूटनीति में एक नया अध्याय खोला है। जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने संसद में बहुमत हासिल किया और तार‍िक रहमान अब देश का नेतृत्व के साथ ढाका और नई दिल्ली दोनों एक महत्वपूर्ण मौके पर खड़े हैं।”

रिपोर्ट में आगे लिखा गया, “भारत ने इन घटनाओं को सावधानीपूर्वक लेकिन आशावाद के साथ देखा है। हकीकत यह है कि भारत को नई बांग्लादेशी नेतृत्व से बड़ी उम्मीदें हैं। इतिहास बताता है कि अगर तार‍िक रहमान भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनाते हैं, तो उन्हें निराशा नहीं होगी।”

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच शुरुआती संकेत भी मिल चुके हैं। मार्च में बांग्लादेश के सैन्य खुफिया प्रमुख ने चुपचाप नई दिल्ली का दौरा किया और वरिष्ठ भारतीय सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों से बातचीत की।

रिपोर्ट में कहा गया, “ऐसे दौरे आम जनता के ध्यान में कम आते हैं, लेकिन ये पड़ोसी देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता और भरोसे को बनाए रखने के लिए अक्सर महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरे से यह संकेत मिला कि ढाका में राजनीतिक बदलाव के बावजूद, भारत और बांग्लादेश के संस्थागत सहयोग के चैनल सक्रिय और सकारात्मक बने हुए हैं।”

रिपोर्ट में कहा गया, “क्षेत्र में कुछ ही द्विपक्षीय संबंध इतने गहरे और ऐतिहासिक हैं जितने भारत और बांग्लादेश के हैं। यह रिश्ता 1971 के घटनाओं से गहराई से जुड़ा है, जब भारत ने बांग्लादेश की पाकिस्तान से आजादी में निर्णायक भूमिका निभाई, मुक्ति बहिनी का समर्थन किया और स्वतंत्र बांग्लादेश की स्थापना में मदद की।”

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि हाल की घटनाओं ने इस साझेदारी की व्यावहारिक अहमियत को दर्शाया है।

हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति में बाधा की आशंका थी, लेकिन भारत ने बांग्लादेश को अपनी ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को पूरा किया। मार्च 2026 में, भारत ने मौजूदा द्विपक्षीय आपूर्ति व्यवस्था के तहत बांग्लादेश को लगभग 5,000 टन डीजल उपलब्ध कराया, जिससे बांग्लादेश में ईंधन आपूर्ति स्थिर बनी, जबकि पूरी दुनिया में ऊर्जा बाजार अस्थिर थे।

रिपोर्ट ने यह भी बताया गया कि व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के अलावा, भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध लोगों के बीच जुड़ाव में भी मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो दुनिया की सबसे लंबी भूमि सीमाओं में से एक है। लाखों परिवारों के बीच भाषा, संस्कृति और इतिहास साझा है। हर साल शिक्षा, पर्यटन, चिकित्सा और धार्मिक यात्राएं दोनों देशों के नागरिकों को जोड़ती हैं।

नई दिल्ली के अनुसार, बांग्लादेश में स्थिरता और समृद्धि भारत के लिए रणनीतिक प्राथमिकता है। इससे भारत के उत्तर-पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा, दक्षिण-पूर्व एशिया से कनेक्टिविटी और बंगाल की खाड़ी में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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