भारत ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 8 अप्रैल 2026 को जारी अपने बयान में उम्मीद जताई कि यह कदम पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव में कमी (de-escalation), संवाद और कूटनीति बेहद आवश्यक हैं और यही आगे का सही मार्ग है।
अपने बयान में मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में आवाजाही और व्यापार बिना किसी बाधा के जारी रहे, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो।
