दक्षिण मुंबई में असुरक्षित एलआईसी बिल्डिंग्स की समस्या को लेकर मंगल प्रभात लोढ़ा ने वित्त मंत्री से मुलाकात की


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण मुंबई में जर्जर और असुरक्षित एलआईसी भवनों के पुनर्विकास का लंबे समय से लंबित मुद्दा जल्द ही हल हो सकता है, क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने का आश्वासन किया है। यह जानकारी महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शुक्रवार को दी।

राष्ट्रीय राजधानी में वित्त मंत्री सीतारमण के साथ मुलाकात में लोढ़ा ने एलआईसी किरायेदार एवं अधिवासी कल्याण संघ की ओर से ज्ञापन प्रस्तुत किया।

लोढ़ा ने बताया कि दक्षिण मुंबई में एलआईसी और देना बैंक से संबंधित कई पुरानी और जर्जर इमारतें स्थित हैं। सैकड़ों किरायेदार इन इमारतों में असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे हैं। इनमें से कई इमारतें लगभग 90 साल पुरानी हैं। एमएचएडीए द्वारा जारी नोटिस के बाद, कई किरायेदारों ने पहले ही इन परिसरों को खाली कर दिया है।

वित्त मंत्री के साथ मुलाकात में उन्होंने किरायेदारों की चिंताओं को उजागर किया। किरायेदार संघ के अनुसार, पुनर्विकास प्रक्रिया में काफी देरी हुई है, विशेष रूप से परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) की नियुक्ति में, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।

एलआईसी के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया में दो साल तक लग सकते हैं। मानसून के आगमन के साथ, इस देरी से किरायेदारों में भय और असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है।

इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि अगले तीन महीनों के भीतर सकारात्मक समाधान प्राप्त कर लिया जाएगा।

इस संबंध में, संघ ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पीएमसी नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल पूरा करना, एमएचएडीए मानदंडों के अनुसार किरायेदारों को अंतरिम वैकल्पिक आवास प्रदान करना, पुनर्विकास के लिए अनुभवी डेवलपर्स के चयन में किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित करना, खाली किए गए भवनों के लिए किराए का अस्थायी निलंबन और किरायेदारों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय या कानूनी बोझ न डालना शामिल है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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