दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में दो लोगों को किया बरी, कहा- गवाह भरोसेमंद नहीं


नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के लिए उम्रकैद की सजा पाए दो लोगों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी वकील का केस एक ऐसे चश्मदीद गवाह पर आधारित था जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता था, जिसकी गवाही में कही गई बातों पर भरोसा नहीं होता था।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और मधु जैन की डिवीजन बेंच ने वीरेंद्र उर्फ ​​बबलू और विकास उर्फ ​​टिंकू की अपील को मान लिया, जो रोहिणी कोर्ट की ओर से उन्हें दोषी ठहराए जाने के खिलाफ थीं। कोर्ट ने उन्हें इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की धारा 302/34 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वीरेंद्र को आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत भी दोषी ठहराया गया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा को रद्द करते हुए कहा कि प्रॉसिक्यूशन ‘अपील करने वालों के खिलाफ आरोपों को बिना किसी शक के साबित करने में नाकाम रहा’ कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।

प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, पीड़ित पर मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने हमला किया था, जिसमें पीछे बैठे व्यक्ति ने कथित तौर पर उस पर करीब से गोली चलाई थी, जिससे सिर और दिमाग में चोट लगने से उसकी मौत हो गई थी।

ट्रायल कोर्ट ने मुख्य रूप से एक अकेले चश्मदीद की गवाही पर भरोसा किया था, जिसने दावा किया था कि उसने आरोपी को मोटरसाइकिल चलाते समय मृतक पर गोली चलाते देखा था। लेकिन, दिल्ली हाई कोर्ट ने चश्मदीद गवाह की गवाही में कमियां पाईं और कहा कि उसका व्यवहार आम इंसानी व्यवहार से मेल नहीं खाता था।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह की बेंच ने कहा कि अभियोजन पक्ष-18 की गवाही की ध्यान से और अकेले जांच करने पर उसमें कई कमियां, नामुमकिन बातें और आम इंसानी व्यवहार के उलटा व्यवहार सामने आता है, जिससे घटना के दौरान अभियोजन पक्ष-18 की मौजूदगी पर शक होता है।

फैसले में कहा गया कि इस कोर्ट की सोची-समझी राय में, प्रॉसिक्यूशन का केस मुख्य रूप से अभियोजन पक्ष-18 की गवाही पर टिका है, जिसका वर्जन अलग और भरोसेमंद नहीं है। उसकी गवाही पर भरोसा नहीं होता है और उसे सजा का अकेला आधार नहीं बनाया जा सकता।

अपील स्वीकार करते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा रद्द कर दी, दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया, और निर्देश दिया कि अगर किसी और मामले में जरूरत न हो, तो उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाए।

–आईएएनएस

एसडी/डीएससी


Related Articles

Latest News