लखनऊ में नगर निगम का 40 दिनों का ‘एक्शन प्लान’, मानसून से पहले जलभराव से राहत दिलाने की तैयारी

नगर निगम ने शहर के नालों की सफाई के लिए टेंडर कर दिया है। करीब 1041 किलोमीटर लंबे 1352 बड़े, मध्यम और छोटे नालों की सफाई 15 जून तक यानी लगभग 40 दिनों में पूरी करानी है। प्रमुख नालों की सफाई आरआर विभाग और मध्यम नालों की सफाई मुख्य अभियंता सिविल कार्यालय कराएगा। नालों की सफाई पर नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। अधिकारियों का दावा है कि मानसून से पहले सभी नालों की तलीझाड़ सफाई करा ली जाएगी।मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि नगर निगम की सीमा में छोटे, मध्यम और बड़े 1352 नाले हैं। इनकी कुल लंबाई 1041 किलोमीटर है। इसमें 3 मीटर से अधिक चौड़ाई के 57 बड़े नालों की लंबाई 108 किलोमीटर है। इसके अलावा 1 से 3 मीटर चौड़ाई के 335 मझोले नालों की लंबाई 478 किलोमीटर और आधा मीटर से अधिक और 1 मीटर से कम चौड़ाई के 960 छोटे नालों की लंबाई 454 किलोमीटर है।

इन नालों की सफाई का काम भी शुरू करा दिया गया है। 15 जून तक सफाई का काम पूरा करना है। प्रमुख नालों की सफाई आरआर विभाग मशीनरी से कराएगा। मध्यम नालों की सफाई मुख्य अभियंता सिविल कार्यालय से कराई जाएगी। नालों की सफाई की मॉनिटरिंग प्रत्येक सप्ताह की जाएगी। इसके अलावा सभी जोनों के अधिशासी अभियंता कार्यालय से हर हफ्ते सफाई कार्य की प्रगति की रिपोर्ट ली जाएगी। इसके अलावा नाला सफाई कार्य की गुणवत्ता की जांच अभियंता करेंगे। निरीक्षण के दौरान कार्य में लापरवाही मिलने पर ठेकेदार और संबंधित जेई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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