एनपीसी की स्थायी समिति का 23वां सत्र संपन्न, विधायी प्रक्रिया में कानूनी जागरूकता बढ़ाने पर जोर


बीजिंग, 27 जून (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा यानी एनपीसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लेची ने शुक्रवार दोपहर राजधानी पेइचिंग में आयोजित 14वीं एनपीसी स्थायी समिति के 23वें सत्र के समापन सत्र की अध्यक्षता की और संबोधित किया।

इस अवसर पर चाओ लेची ने कहा कि इस सत्र में 11 विधेयकों और प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 3 को पारित किया गया। नए संशोधित ट्रेडमार्क कानून ने ट्रेडमार्क पंजीकरण, समीक्षा और प्रबंधन को सख्त बनाया है, जो बौद्धिक संपदा संरक्षण के लिए बेहतर कानूनी ढांचा प्रदान करता है। संशोधित प्रमाणित सार्वजनिक लेखाकार यानी सीपीए कानून ने लेखापरीक्षा धोखाधड़ी को रोकने और उद्योग के स्वस्थ विकास के लिए पेशेवर आचरण और ईमानदारी को मजबूत किया है। हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र को हुआंगकांग बंदरगाह के हांगकांग पक्ष क्षेत्र और संबंधित विस्तारित क्षेत्रों पर अधिकार क्षेत्र लागू करने का अधिकार देने वाले प्रस्ताव ने हांगकांग को राष्ट्रीय विकास में बेहतर एकीकृत करने में सहायता की है।

चाओ ने कहा कि सत्र ने 2025 के केंद्रीय वित्तीय लेखा परीक्षा रिपोर्टों की समीक्षा की और 2025 के केंद्रीय वित्तीय लेखा को मंजूरी दी। सरकार ने ‘आठवीं पंचवर्षीय’ कानूनी जागरूकता अभियान के कार्यान्वयन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, साथ ही राष्ट्रीय एकीकृत बाजार के निर्माण पर भी चर्चा हुई।

चाओ लेची ने जोर देकर कहा कि कानूनी शिक्षा और प्रचार व्यापक कानूनी शासन की एक दीर्घकालिक बुनियादी आधारशिला है। कानूनी शिक्षा और प्रचार कानून ने नए युग में सार्वजनिक कानूनी शिक्षा के सिद्धांतों, सामग्री, विषयों और जिम्मेदारियों पर व्यापक प्रावधान किए हैं। कानून निर्माताओं को विधायी प्रक्रिया के दौरान व्यापक स्पष्टीकरण और प्रचार में सुधार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधायी प्रक्रिया के दौरान व्यापक स्पष्टीकरण पूरी प्रक्रिया में जन लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण प्रतिबिंब है। इसे योजना, अनुसंधान, मसौदा तैयार करने, राय मांगने, विचार-विमर्श और अधिनियमन के सभी चरणों में लागू किया जाना चाहिए, ताकि जनता कानूनों के पीछे की पृष्ठभूमि, उद्देश्य, सामग्री और महत्व को समझ सके। उन्होंने कानूनी प्रचार के लिए नए तरीकों का आह्वान किया, जिसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रवक्ता तंत्र, सेमिनार और व्याख्यात्मक लेख शामिल हैं, ताकि कानूनी ज्ञान को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सके।

चाओ ने कानून निर्माण में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘खुले दरवाजे’ के दृष्टिकोण की वकालत की। विधायी योजनाओं, मसौदा कानूनों और आधिकारिक ग्रंथों को कानून के अनुसार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। राय मांगने, संगोष्ठियों, सुनवाई और जमीनी स्तर के विधायी संपर्क बिंदुओं जैसे तंत्रों के माध्यम से, जनता की राय और बुद्धि को व्यापक रूप से शामिल किया जाना चाहिए। सामाजिक चिंताओं का जवाब देते हुए, विधायी सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए, सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान किया जाना चाहिए और संदेहों को दूर करके आम सहमति बनाई जानी चाहिए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

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