जमशेदपुर, 15 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के जमशेदपुर शहर के जाने-माने उद्यमी-कारोबारी देवांग गांधी के 24 वर्षीय बेटे कैरव गांधी के अपहरण के 48 घंटे बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। अपहरणकर्ताओं ने एक विदेशी मोबाइल नंबर के जरिए परिवार से 5 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की है। पुलिस जांच में पता चला है कि जिस नंबर से फिरौती की मांग की गई है, वह इंडोनेशिया का है।
कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के लिए झारखंड पुलिस ने सात विशेष टीमों का गठन किया है, जो झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
बता दें कि मंगलवार को दिन में करीब 11.30 बजे कैरव गांधी अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे पहले शहर के बिष्टुपुर स्थित एसबीआई बैंक जाएंगे, इसके बाद आदित्यपुर में अपनी कंपनी पहुंचेंगे और दोपहर के भोजन के लिए घर लौट आएंगे। हालांकि, दोपहर 1.45 बजे तक उनके घर नहीं लौटने और मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई।
कैरव के पिता देवांग गांधी ने पुलिस को बताया कि वे मंगलवार को आदित्यपुर में एक जरूरी मीटिंग में व्यस्त थे। इसी दौरान एक विदेशी नंबर (+62-831-94765544) से उनके व्हाट्सएप पर 8 से 10 कॉल आए, जिन्हें वे रिसीव नहीं कर सके। बाद में उसी नंबर से आए मैसेज में बेटे के अपहरण और फिरौती की मांग की जानकारी मिली। इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। इसके बाद देर शाम पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा इलाके में एनएच-33 पर एक रिसॉर्ट के पास कैरव की कार लावारिस हालत में बरामद हुई।
कार के इग्निशन में चाबी लगी हुई थी, जबकि उनका मोबाइल फोन गाड़ी के नीचे जमीन पर पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार कैरव की अंतिम मोबाइल लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी आदर्श नगर क्षेत्र के पास दर्ज की गई है। आशंका जताई जा रही है कि अपहरणकर्ताओं ने रास्ते में उनकी कार को रोककर जबरन किसी दूसरी गाड़ी में बैठाकर उन्हें अगवा कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि कैरव की कार के आगे-पीछे एक ही नंबर की स्कॉर्पियो कई बार घूमती देखी गई थी। स्कॉर्पियो पर पुलिस का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन जांच में उस पर अंकित नंबर किसी दूसरे वाहन का निकला। पुलिस अब इस संदिग्ध स्कॉर्पियो की तलाश में जुटी है। कार की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और कॉल डंप व सर्विलांस के जरिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त टीमें टोल प्लाजा और शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। पुलिस की एक टीम लगातार परिवार के संपर्क में है, जबकि साइबर सेल इंडोनेशियाई नंबर के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है।
–आईएएनएस
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