Tuesday, February 17, 2026

यमुना पुश्ता पर 23 किमी लंबी एलिवेटेड रोड बनाएगा यूपीडा, दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को मिलेगी कनेक्टिविटी


नोएडा, 16 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में यातायात को सुगम बनाने और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यमुना पुश्ता मार्ग पर 23 किलोमीटर लंबी छह लेन एलिवेटेड रोड बनाने की योजना को गति मिल गई है।

इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा किया जाएगा।

प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और वहां से सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं। इससे पहले संबंधित प्राधिकरण बोर्ड से भी परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के तहत बनने वाली यह एलिवेटेड रोड ओखला बैराज से शुरू होकर हिंडन-यमुना दोआब क्षेत्र से गुजरते हुए यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचेगी। इस मार्ग से दिल्ली से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी स्थापित होगी।

वर्तमान में नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे जीरो पॉइंट पर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ता है, लेकिन नए एलिवेटेड कॉरिडोर से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इस परियोजना की लागत तीनों प्राधिकरण नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से वहन की जाएगी।

हालांकि, एलिवेटेड ट्रैक का सबसे बड़ा हिस्सा नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में आएगा। पहले इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दिए जाने पर विचार था, लेकिन बोर्ड और शीर्ष अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि निर्माण कार्य यूपीडा ही करेगा। साथ ही, यूपीडा सिंचाई विभाग से आवश्यक एनओसी भी प्राप्त करेगा।

परियोजना के तहत दो प्रमुख स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए लूप या अंडरपास बनाए जाएंगे। पहला सेक्टर-168 में एफएनजी कॉरिडोर को जोड़ने के लिए होगा, जबकि दूसरा सेक्टर-150 में सेक्टर-149ए और सेक्टर-150 के बीच 75 मीटर चौड़ी सड़क से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

इस एलिवेटेड रोड के निर्माण से दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाला ट्रैफिक नोएडा शहर में प्रवेश किए बिना सीधे एक्सप्रेसवे से गुजर सकेगा। साथ ही ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा और लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी।

भविष्य में एयरपोर्ट की ओर बढ़ने वाले वाहनों की संख्या को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रैफिक जाम में कमी आने से प्रदूषण स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

पीकेटी/एएसएच


Related Articles

Latest News