Saturday, February 14, 2026

'जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें, समाज को दें योगदान': युवाओं से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अपील


नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को युवाओं से जिम्मेदारी से काम करने और समाज के लिए कुछ करने की अपील की।

मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (एमआरईआई) के 2025-26 दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह सिर्फ एक एकेडमिक सफर का अंत नहीं है। यह देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी के एक नए दौर की शुरुआत है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पास होने वाले छात्र खुशकिस्मत हैं कि वे अमृत काल के दूसरे चरण में अपनी प्रोफेशनल जिंदगी शुरू कर रहे हैं, जो 2047 तक चलेगा, जब भारत एक पूरी तरह से विकसित देश बनने की ख्वाहिश रखता है।

नड्डा ने कहा कि यह दौर बहुत सारे मौके और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारियां लेकर आया है; युवाओं को देश के विकास में सही तरीके से योगदान देना चाहिए। हमेशा यह भावना रखें कि समाज ने उनकी सफलता में मदद की है और बदले में उन्हें निस्वार्थ भाव से और सही तरीके से समाज की सेवा करके वापस देना चाहिए।

उन्होंने छात्रों से मजबूत मूल्यों, नैतिक व्यवहार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का भी आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हासिल की गई बदलाव लाने वाली प्रगति पर भी जोर दिया।

जेपी नड्डा ने कहा कि पहले के सिर्फ छह एम्स थे, अब 23 स्थापित किए गए हैं, जिससे पूरे देश में अत्याधुनिक हेल्थकेयर संस्थानों का एक मजबूत नेटवर्क बना है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने हेल्थकेयर इंडिकेटर्स में, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से लेकर संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों तक, खासकर टीबी और मलेरिया के मामलों और मौतों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मंत्री ने आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और बड़े पैमाने पर जनसंख्या स्क्रीनिंग कार्यक्रमों जैसी पहलों के साथ, हेल्थकेयर पर जेब से होने वाले खर्च में भी काफी कमी आने पर जोर दिया, जिससे हेल्थकेयर ज्यादा सुलभ और किफायती हो गया है।

दीक्षांत समारोह के दौरान इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कानून, शिक्षा, विज्ञान और हेल्थकेयर सहित विभिन्न विषयों के कुल 2,150 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इसमें 521 अंडरग्रेजुएट छात्र, 58 पोस्टग्रेजुएट छात्र और 11 डॉक्टरेट स्कॉलर शामिल थे, जो पास होने वाले छात्रों के समूह के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है।

–आईएएनएस

पीएसके


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