नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी पार्टियां महिलाओं को सम्मान, अधिकार और आरक्षण देने के पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरीके से और जिस समय यह बिल लाया जा रहा है, उससे सरकार की नियत पर संदेह होता है।
नई दिल्ली में सपा सांसद राजीव राय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार किसी से चर्चा नहीं करना चाहती। हर चुनाव के दौरान ऐसा होता है क्योंकि उन्हें वोट चाहिए, लेकिन महिलाओं की संख्या और वास्तविक स्थिति की उन्हें कोई चिंता नहीं है। 18 वर्ष पुरानी जनगणना के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि दूसरी बात, महिलाओं के आरक्षण में वंचित वर्गों (ओबीसी, दलित) के लिए क्या प्रावधान है, इसका कोई जिक्र नहीं। तीसरी बात, अगर आरक्षण देना ही है तो पार्टियों को अधिकार दे दीजिए। आप क्यों तय करना चाहते हैं कि अमुक सीट से ही महिला जीतेगी।
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार को पता है कि दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए यह बिल चुनावी फायदे के लिए लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह महिलाओं को एक बार फिर धोखा देने का इंतजाम है।
उन्होंने बसपा मुखिया मायावती के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बहन मायावती ने भी बिल का स्वागत किया है और ओबीसी व दलित महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग की है। हम भी विरोध नहीं कर रहे, बल्कि मांग कर रहे हैं कि पहले जनगणना कराई जाए, क्षेत्र निर्धारण किया जाए और पार्टियों को अधिकार दिया जाए।
राजीव राय ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी से सांसद अशोक मित्तल और उत्तर प्रदेश में अपने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार को लोकतंत्र और जनता पर विश्वास नहीं रह जाता तो वह एजेंसियों के जरिए डराने-धमकाने का प्रयास करती है।
बिहार में सम्राट चौधरी के सीएम पद की शपथ लेने पर सपा सांसद ने कहा कि जिस पार्टी के साथ भाजपा गठबंधन करती है, उसे खा जाती है। अकाली दल हो, शिवसेना (शिंदे) हो या अब जदयू, सभी की यही हालत हुई है, इसलिए इन पार्टियों से अनुरोध है कि इतिहास से सीखें और जितनी जल्दी हो सके, सरकार से बाहर आकर अपना वजूद बचाएं।
–आईएएनएस
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