पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी, मानवाधिकार संगठन बोला- ये आम जनता पर 'सीधा प्रहार'

[ad_1]

3a578168ba4de4d78d38c827ee22b37a

इस्लामाबाद, 9 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। शनिवार से ये 410 रुपए प्रति लीटर की दर भी पार कर गए। पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ पाकिस्तान (मानवाधिकार परिषद) ने कड़ी निंदा करते हुए इसे आम जनता पर “सीधा प्रहार” बताया है।

यह टिप्पणी पाकिस्तान सरकार के शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में 14.92 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद आई।

पेट्रोलियम डिवीजन की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संशोधित दरें — पेट्रोल के लिए 414.78 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर और एचएसडी के लिए 414.58 रुपए प्रति लीटर — शनिवार से लागू हो गईं।

पाकिस्तान के मानवाधिकार परिषद ने कहा, “यह बढ़ोतरी केवल आंकड़ों में बदलाव नहीं है, बल्कि लाखों गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों के दैनिक जीवन पर सीधा हमला है। जो लोग पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और कम आय के बोझ तले दबे हुए हैं, उनके लिए यह फैसला असहनीय है। जब ईंधन महंगा होता है, तो केवल वाहन पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि आटा, दाल, सब्जियां, दूध, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी आसमान छूने लगती हैं।”

परिषद ने आगे कहा, “यह फैसला विशेष रूप से रिक्शा चालकों, दिहाड़ी मजदूरों, परिवहन कर्मियों, छात्रों और श्वेतपोश वर्ग के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है। गरीब आदमी अब केवल आर्थिक दबाव में ही नहीं है, बल्कि गंभीर मानसिक तनाव, बेबसी और भविष्य के डर से भी जूझ रहा है।”

संगठन ने पाकिस्तान सरकार से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लेने और अभिजात्य वर्ग को मिलने वाली अनावश्यक सुविधाओं में कटौती कर जनता को तत्काल राहत देने की मांग की।

इसने परिवहन किरायों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी पर रोक लगाने की भी मांग की और सरकार से आर्थिक फैसलों में “मानवीय संवेदनाओं और जनता की परेशानियों” को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

परिषद ने कहा, “मानवाधिकार केवल भाषणों और प्रस्तावों तक सीमित नहीं हैं। वे प्रत्येक नागरिक का सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का मौलिक अधिकार हैं।”

पिछले महीने भी पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद परिषद ने इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए इसे जनता पर “आर्थिक आत्मघाती हमला” करार दिया था।

गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए परिषद ने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि केवल “संख्यात्मक बदलाव” नहीं है, बल्कि “महंगाई के उस तूफान को निमंत्रण” है जिसने पहले ही आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

–आईएएनएस

केआर/

[ad_2]

Related Articles

Latest News