नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट फॉर्मेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों का जब भी जिक्र चलता है, तो उसमें वसीम जाफर का नाम जरूर आता है। दाएं हाथ के इस धुरंधर बल्लेबाज को उनकी क्षमता के मुताबिक मौके नहीं मिले, लेकिन सीमित अवसर में ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना लोहा मनवाया था।
वसीम जाफर का जन्म मुंबई में 16 फरवरी 1978 को हुआ था। मुंबई में क्रिकेट की समृद्ध संस्कृति है और इस संस्कृति ने जाफर को अपनी तरफ आकर्षित किया। छोटी उम्र में ही क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लेने वाले जाफर ने 1996-97 में मुंबई के लिए प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया था। अपने दूसरे प्रथम श्रेणी मैच में तिहरा शतक लगाकर यह बता दिया था कि वह भविष्य में क्रिकेट में बड़ा नाम करने वाले हैं।
भारतीय टीम के लिए जाफर ने टेस्ट में फरवरी 2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और वनडे में भी इसी टीम के खिलाफ 2006 में किया था। जाफर ने 2000 से 2008 के बीच भारत के लिए 31 टेस्ट मैचों की 58 पारियों में 5 शतक और 11 अर्धशतक लगाते हुए 1,944 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 212 रहा। वहीं 2 वनडे में 10 रन बनाए।
जाफर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बेशक लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट के लिए वह लीजेंड हैं। मुंबई के अलावा विदर्भ के लिए भी जाफर ने घरेलू क्रिकेट खेला है।
260 प्रथम श्रेणी मैचों की 421 पारियों में जाफर ने 57 शतक और 91 अर्धशतक लगाते हुए 19,410 रन बनाए। नाबाद 314 उनका सर्वाधिक स्कोर रहा। रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक रन (12,038), सर्वाधिक शतक (40), और सर्वाधिक मैच (150) का रिकॉर्ड जाफर के नाम है। रणजी ट्रॉफी में 10,000, 11,000, और 12,000 रन बनाने वाले वह पहले बल्लेबाज हैं।
वह मुंबई के कप्तान भी रहे और अपनी कप्तानी में 38वां और 39वां रणजी खिताब दिलाया।
2020 में उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया। संन्यास के बाद वह कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जाफर घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड, ओडिशा और पंजाब के लिए हेड कोच रहे हैं। वह बांग्लादेश अंडर-19 टीम के लिए बैटिंग कंसल्टेंट और आईपीएल में पंजाब किंग्स के बैटिंग कोच रह चुके हैं।
जाफर सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन के साथ ‘एक्स’ पर उनकी कहासुनी चलती रहती है जिसे फैंस काफी पसंद करते हैं।
–आईएएनएस
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