भारत के शीर्ष शहरों में 2026 की पहली तिमाही में वेयरहाउसिंग की मांग 8 प्रतिशत बढ़ी

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नई दिल्ली,29 अप्रैल (केसरिया न्यूज़)। भारत के शीर्ष शहरों में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स की मांग 2026 की जनवरी-मार्च अवधि में तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ी है। यह लगातार चौथी तिमाही है, जब मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

वर्कप्लेस सॉल्यूशंस फर्म वेस्टियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर उपभोक्ता धारणा, मजबूत घरेलू मांग और इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के समर्थन से वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के 2026 में भी मजबूत रहने की उम्मीद है।वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव, एफआरआईसीएस ने कहा, “तिमाही आधार पर मांग में वृद्धि मजबूत बाजार को दर्शाती है, जिसे बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और मजबूत घरेलू खपत का समर्थन प्राप्त है।”

हालांकि,मांग में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, लीजिंग गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जिसे थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों का समर्थन प्राप्त है।

मुंबई और पुणे ने मिलकर कुल लीजिंग गतिविधि में 81 प्रतिशत का योगदान दिया, जो मांग को बढ़ाने में स्थापित पश्चिमी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के निरंतर प्रभुत्व को दिखाता है। लगातार तिमाही आधार पर हो रही रिकवरी से संकेत मिलता है कि 2025 में देखी गई मंदी मांग में संरचनात्मक गिरावट के बजाय रणनीतिक पुनर्संतुलन का एक चरण थी।

मुंबई में सबसे अधिक 4.76 मिलियन वर्ग फुट (कुल लीजिंग का 42 प्रतिशत) वेयरहाउसिंग की मांग की दर्ज किया गया, जबकि पुणे में यह आंकड़ा 4.46 मिलियन वर्ग फुट रहा, जो तिमाही आधार पर 162 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

हैदराबाद में वेयरहाउसिंग की मांग 0.69 मिलियन स्क्वायर फीट रही है। इसमें सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई। नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में वेयरहाउसिंग की मांग 0.73 मिलियन स्क्वायर फीट रही। इसमें सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की नरमी आई।

चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में वेयरहाउसिंग की मांग क्रमश:0.59 मिलियन स्क्वायर फीट, 0.17 मिलियन स्क्वायर फीट और 0.1 मिलियन स्क्वायर फीट रही।

रिपोर्ट में कहा गया कि आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर बढ़ते जोर, आधुनिक ग्रेड-ए सुविधाओं की बढ़ती मांग और उभरते टियर-I और टियर-II लॉजिस्टिक्स हब में निरंतर विस्तार से 2026 में विकास के अगले चरण को गति मिलने की उम्मीद है।

–केसरिया न्यूज़

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