वेल्स के कप्तान एरॉन रैमसे ने प्रोफेशनल फुटबॉल करियर से संन्यास लिया


कार्डिफ, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। आर्सेनल के पूर्व मिडफील्डर और वेल्स फुटबॉल टीम के कप्तान एरॉन रैमसे ने मंगलवार को अपने प्रोफेशनल फुटबॉल करियर को अलविदा कह दिया है। रैमसे ने वेल्स की ओर से 86 मुकाबलों में 21 गोल किए। उन्होंने तीन बड़े टूर्नामेंट्स में देश का प्रतिनिधित्व किया है। वह वेल्स के महानतम खिलाड़ियों में से एक के तौर पर संन्यास ले रहे हैं।

एरॉन रैमसेने ने वेल्स के यूरो 2016 के सेमीफाइनल तक के ऐतिहासिक सफर में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके चलते उन्हें यूनियन ऑफ यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशंस (यूईएफए) की ‘टीम ऑफ द टूर्नामेंट’ में जगह मिली थी।

रैमसे ने एक बयान में कहा, “यह फैसला लेना आसान नहीं था। काफी सोच-विचार के बाद, मैंने फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला किया है। सबसे पहले, मैं वेल्स से शुरुआत करना चाहूंगा। वेल्स की जर्सी पहनना और उसके साथ इतने सारे अविश्वसनीय पलों का अनुभव करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है। यह उन सभी मैनेजरों के अविश्वसनीय योगदान के बिना संभव नहीं होता जिनके मार्गदर्शन में खेला, और उन सभी स्टाफ सदस्यों के बिना भी नहीं, जिन्होंने कई तरीकों से मेरी मदद की।”

रैमसे ने अपने पूर्व क्लब आर्सेनल का भी शुक्रिया अदा किया, जहां उन्होंने 11 साल बिताए थे। रैमसे ने इस क्लब के साथ तीन एफए कप जीते। इनमें से दो फाइनल मुकाबलों में रैमसे ने ही विजयी गोल दागा था।

उन्होंने कहा, “रेड वॉल (फैंस) के नाम। आप हर सुख-दुख में मेरे साथ रहे हैं। आप हर उतार-चढ़ाव में मेरे साथ खड़े रहे, और आप हमारी सफलता का एक अनिवार्य और अहम हिस्सा रहे हैं। मैं आपका जितना भी शुक्रिया अदा करूं, कम है। हमने सब कुछ एक साथ झेला है, और आपका प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात रही है। धन्यवाद।”

35 वर्षीय रैमसे दिसंबर में मैक्सिकन क्लब ‘पुमास’ को छोड़ने के बाद किसी अन्य क्लब से नहीं जुडे़। उन्होंने सितंबर के बाद से टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला था। वह फीफा वर्ल्ड कप में अपनी राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना चाहते थे, लेकिन क्वालीफायर में बोस्निया और हर्जेगोविना से हार के बाद उनकी उम्मीदें खत्म हो गईं।

उन्होंने कहा, “उन सभी क्लबों का धन्यवाद, जिनके लिए मुझे खेलने का मौका मिला। उन सभी मैनेजर और स्टाफ का भी शुक्रिया, जिन्होंने मुझे अपना सपना जीने और सबसे ऊंचे स्तर पर खेलने में मदद की। मेरी पत्नी, बच्चों और पूरे परिवार का बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके साथ के बिना यह सब संभव नहीं हो पाता।”

–आईएएनएस

आरएसजी


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