नई दिल्ली, 22 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। भारत के नॉन-मेट्रो जॉब मार्केट में सबसे तेजी से उभरते भर्ती (हायरिंग) और प्रोफेशनल माइग्रेशन वाले शहरों में विशाखापत्तनम ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है। बुधवार को जारी लिंक्डइन की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, विशाखापत्तनम के बाद लुधियाना, सूरत, वडोदरा और प्रयागराज शीर्ष पांच स्थानों पर काबिज हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब नॉन-मेट्रो शहर पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहे हैं। इन शहरों में टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, एजुकेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 72 प्रतिशत प्रोफेशनल्स इस साल नई नौकरी की तलाश में हैं, जबकि 76 प्रतिशत का मानना है कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े बढ़ते स्किल गैप और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण नौकरी पाना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2022 की शुरुआत के मुकाबले अब प्रत्येक नौकरी के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या दोगुने से अधिक हो चुकी है। ऐसे माहौल में उभरते हुए शहर प्रोफेशनल्स को अपने घर के करीब ही अलग-अलग उद्योगों, कंपनियों और बेहतर कैरियर अवसरों तक पहुंच प्रदान कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ये उभरते शहर अब मल्टी-सेक्टर जॉब मार्केट के रूप में विकसित हो रहे हैं। यहां पहले से मौजूद पोर्ट, टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ एआई, डेटा सेंटर, आईटी और सर्विसेज में भी बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। लिंक्डइन की कैरियर एक्सपर्ट और इंडिया सीनियर मैनेजिंग एडिटर नीरजिता बनर्जी ने कहा कि इन शहरों में पारंपरिक उद्योगों के साथ अब टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर भी तेजी से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने नौकरी तलाश रहे लोगों को सलाह दी कि वे ये समझें कि कंपनियां किन क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं, कौन-से सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उनकी मौजूदा स्किल्स किन अन्य उद्योगों में भी उपयोगी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि केवल मेट्रो शहरों तक सीमित रहने के बजाय उभरते शहरों और उनसे जुड़े नए रोल्स पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे ऐसे मजबूत कैरियर अवसर मिल सकते हैं, जिनकी तेजी से हो रही वृद्धि के बारे में कई लोग अभी पूरी तरह से नहीं जानते।
रिपोर्ट के अनुसार, विशाखापत्तनम अपने पोर्ट, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग आधारित अर्थव्यवस्था को एआई, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी निवेश के साथ मजबूत कर रहा है। वहीं लुधियाना अपने पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के साथ स्टील, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है।
इसी तरह सूरत अब टेक्सटाइल और डायमंड उद्योग से आगे बढ़कर स्टार्टअप, एक्सपोर्ट और रियल एस्टेट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं वडोदरा में केमिकल्स और मशीनरी उद्योगों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और एंटरप्राइज निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है।
–केसरिया न्यूज़
