नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रीलंका के सीता एलिया में स्थित सीता अम्मन मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
उपराष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि रामायण से जुड़ा यह मंदिर भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की एक सशक्त निशानी के रूप में विद्यमान है। उपराष्ट्रपति ने हनुमान कोविल में भी अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए; यह मंदिर अशोक वाटिका में देवी सीता से हनुमान जी के मिलन के दौरान पड़े उनके पवित्र पदचिह्नों को समर्पित है।
उन्होंने लिखा कि पिछले वर्ष श्रीलंका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई उस घोषणा का स्मरण करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत सरकार के सहयोग से सीता अम्मन मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 19 अप्रैल को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। यात्रा के पहले दिन उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की थी।
उपराष्ट्रपति ने 19 अप्रैल को कोलंबो में प्रसिद्ध काथिरेसन मंदिर और गंगारामय मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान पारंपरिक तमिल संगीत और नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।
बता दें कि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की श्रीलंका यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें मुल्लैतिवु के जिला सामान्य अस्पताल में चार-मंजिला मेडिकल वार्ड कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए एक एमओयू हुआ। इसके अलावा, पूर्वी प्रांत के लिए बहुक्षेत्रीय अनुदान सहायता के अंतर्गत प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए छह अलग-अलग एमओयू किए गए।
इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। भारतीय प्रवासियों की छठी पीढ़ी तक ओसीआई पात्रता के विस्तार और भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए ओसीआई प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की गई। साथ ही, भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के पूर्ण होने की जानकारी दी गई, जिसके तहत बागान समुदाय के परिवारों के लिए कुल 4000 घरों का निर्माण किया गया है।
–आईएएनएस
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