उत्तराखंड की प्रीमियम लीची की पहली खेप इटली रवाना, किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

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नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। मोदी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसकी क्रम में अब उत्तराखंड की प्रीमियम लीची की पहली खेप को देहरादून से इटली के रवाना किया है। यह जानकारी वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने गुरुवार को देहरादून से इटली के लिए ताजा उत्तराखंड लीची की पहली खेप के निर्यात में सहायता की। यह उपलब्धि उत्तराखंड की प्रीमियम लीची के यूरोपीय बाजार में प्रवेश का प्रतीक है और भारत के उच्च गुणवत्ता वाले ताजे फलों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति को दर्शाती है।

मंत्रालय ने कहा कि पहली खेप में एक मीट्रिक टन ताजा लीची इटली को निर्यात की गई, जो उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र की निर्यात क्षमता को दर्शाती है। इस खेप से अंतरराष्ट्रीय ताजे फलों के बाजारों में भारत की उपस्थिति सुदृढ़ होने के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्र के प्रीमियम उत्पादों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

देहरादून की लीची अपनी विशिष्ट मिठास, आकर्षक लाल रंग, मनमोहक सुगंध और उत्कृष्ट गूदे के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र रोज़ सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रसिद्ध किस्मों के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड में विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां, इस फल की उच्च गुणवत्ता और बाजार में इसकी लोकप्रियता में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

मंत्रालय ने कहा कि निर्यात पहल के परिणामस्वरूप उत्पादकों को बेहतर लाभ भी प्राप्त हुआ है, क्योंकि किसानों को घरेलू बाजार दरों से लगभग 25 प्रतिशत अधिक मूल्य मिल रहा है। इस विकास से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पद्धतियों को व्यापक रूप से अपनाने और निर्यात-उन्मुख बागवानी में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड की लीची का इटली को निर्यात भारत के ताजे फलों के लिए निर्यात स्थलों में विविधता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रीमियम बागवानी उत्पादों के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में देश की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है।

मंत्रालय के मुताबिक, एपीडा ने किसानों की उच्च मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से बाजार विकास पहलों, गुणवत्ता आश्वासन तंत्रों, अवसंरचनागत सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के कृषि-निर्यात एजेंडा को निरंतर आगे बढ़ाना जारी रखा है।

–आईएएनएस

एबीएस

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