Wednesday, February 11, 2026

वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुने से अधिक हुई: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना


लखनऊ, 11 फरवरी (आईएएनए)। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को राज्य का बजट पेश करते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुने से अधिक हुई है। उन्होंने कहा कि साल 2025–26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

अपने बजट भाषण में राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से लेकर औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिलाओं का सशक्तीकरण, किसानों की खुशहाली और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र समेत भाजपा सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपए आंकी गई, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपए रही, जो वित्त वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपए के दोगुने से अधिक है।

सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में हम लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं। बेरोजगारी की दर सिर्फ 2.24 प्रतिशत रह गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग 2018-2019 में 29वीं थी। यह बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18वें स्थान पर आ गई। राज्य सरकार की ओर से फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफलतम आयोजन किया गया। अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन संभावित है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश करते वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार की अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है कि राज्य ने नीति आयोग की ओर से जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में देश में लैंडलॉक्ड प्रदेशों में पहला स्थान हासिल किया।

कृषि क्षेत्र के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है।

साल 2016-2017 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में 60 लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 2.76 लाख हेक्टेयर हो चुका है। फसल सघनता 2016-17 में 162.7 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।

–आईएएनएस

डीसीएच/


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