उत्तर प्रदेश में 13 मार्च तक चलेगा राज्यव्यापी ‘महिला सम्मान अभियान’


लखनऊ, 7 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 8 से 13 मार्च तक राज्यव्यापी महिला सम्मान अभियान की घोषणा की गई है।

दरअसल, हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “महिलाओं के लिए हम क्या अच्छा कर सकते हैं, क्या सोच सकते हैं और हम क्या अच्छा उनको दे सकते हैं, यह हमारी सोच है और इसके लिए हमारे राष्ट्रीय आयोग द्वारा एक हफ्ते का समय निश्चित किया गया है, जो 8 मार्च से 13 मार्च तक है। इस अवधि के दौरान पूरे राष्ट्र और प्रदेश के हर जिले में सुनवाई होगी, यह सुनिश्चित है। इसके बाद हमारे राष्ट्रीय आयोग में महिलाओं से जुड़े जो केस आए हैं, वो हमने सारे जिलों में बांट दिए हैं। उन सभी का निष्कारण होगा।

उन्होंने कहा, “एक हफ्ते में हम सारे केस, जो राष्ट्रीय आयोग के हैं या अब तक जो हमारे पास थोड़े-बहुत केस हैं, हम उन सभी केस का निस्तारण करेंगे।” दूसरी एक और चीज जो हो सकती है कि इस दौरान जहां-जहां हमें टाइम मिलेगा, हम चौपाल लगाएंगे, और चौपाल में हमसे जो भी संबंधित विभाग हैं, हम उनसे जुड़ने की कोशिश करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश आयोग की बात करें तो उनका संकल्प है कि जब तक हम लास्ट में बैठी हुई महिला को नहीं जगा देंगे, तब तक हम शांत से नहीं बैठेंगे।

उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, और जब वो आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं तो निश्चित रूप से देश की आधी आबादी होने के नाते, प्रदेश की आधी आबादी होने के नाते, हमारा यह फर्ज है कि हम देश की हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बढ़ाएं। इसके लिए चाहे वह उनके शिक्षा से संबंधित हो, चाहे उनके स्वास्थ्य से संबंधित हो या उनको आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित हो, हम सभी केस पर काम करेंगे।”

बबीता ने सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा, “प्रदेश और केंद्र सरकार की आज के समय में इतनी सारी योजनाएं हैं कि अगर हर महिला तक पहुंच जाएं, तो मुझे नहीं लगता कि कोई महिला आत्मनिर्भर बनने से चूक जाएगी। बस जरूरत है तो उनको बताने की, क्योंकि कई बार शिक्षा के अभाव होने के कारण महिलाओं को बहुत सारी योजनाओं के बारे में पता नहीं होता है। कई बार ऑनलाइन सिस्टम होने की वजह से वो योजनाओं का लाभ नहीं ले पाती कि कैसे इन चीजों के लिए अप्लाई करें, तो इन सभी चीजों के लिए हम उनके लिए सुविधाओं का प्रबंध करवाएंगे।”

–आईएएनएस

डीके/डीकेपी


Related Articles

Latest News