लखनऊ, 15 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। रविवार को उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ राजनीतिक शुरुआत की है। उन्होंने पार्टी प्रमुख के प्रति गहरा सम्मान जताया और संगठन को मजबूत करने का वादा किया।
सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना।
उन्होंने कहा कि हम समाजवादी पार्टी में एक आम कार्यकर्ता बनकर काम करेंगे। समाज मजबूत हो, राज्य की कानून व्यवस्था मजबूत हो, यहां विकास हो और महिलाओं, किसानों और युवाओं को उनका हक मिले, यही मेरा संकल्प है। सिद्दीकी ने कहा कि हम पार्टी के लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। पार्टी के अनुशासन, राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश और समाजवादी पार्टी की विचारधारा के साथ मिलकर हम आगे चलेंगे।
पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने को व्यक्तिगत कारणों की वजह बताया था। अपने लिखित इस्तीफे पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे ‘अपरिहार्य कारणों’ से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए वे पार्टी में शामिल हुए थे, वे पूरे नहीं हो रहे थे।
बता दें कि नसीमउद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में मंत्रिमंडल मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। अपने जोशीले भाषण और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ के लिए जाने जाने वाले सिद्दीकी ने दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच काफी प्रभाव स्थापित किया।
–आईएएनएस
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