यूएसआईएसपीएफ ने लॉन्च की 'वी द पीपल–250 वॉयसेज' कॉफी टेबल बुक, एस जयशंकर और अमेरिकी राजदूत गोर हुए शामिल


नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) ने नई दिल्ली में अपनी कॉफी टेबल बुक ‘वी द पीपल–250 वॉयसेज’: अ ट्रिब्युट टू द 250 वॉयसेज डैट शेप्ड द यूएस-इंडिया रिलेशनशिप’ के दूसरे संस्करण का शुक्रवार शाम औपचारिक विमोचन किया। पुस्तक का पहला विमोचन वॉशिंगटन डीसी में आयोजित IX लीडरशिप समिट के दौरान ‘अमेरिकाएट250’ थीम के तहत किया गया था।

अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने यूएसआईएसपीएफ इवेंट में शिरकत की। शनिवार को एक्स प्लेटफॉर्म के जरिए इसके अध्यक्ष मुकेश अघी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “शानदार शाम के लिए यूएसआईएसपीएफ और मुकेश अघी का धन्यवाद।”

इस पुस्तक में उन 250 विशिष्ट हस्तियों को स्थान दिया गया है, जिन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें राजनेता, राजनयिक, उद्योग जगत के नेता, नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सांस्कृतिक दूत शामिल हैं।

कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) टीएस संधू, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर की भूमिका का उल्लेख किया गया। आयोजकों ने कहा कि इन सभी ने दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है और पुस्तक में इन्हें ‘ब्रिज बिल्डर्स’ के रूप में सम्मानित किया गया है।

इस अवसर पर यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर के साथ “द नेक्स्ट चैप्टर ऑफ द ग्लोबल पार्टनरशिप” विषय पर विशेष संवाद किया। चर्चा में भारत-अमेरिका संबंधों के बदलते स्वरूप पर बात हुई, जिसमें पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर उभरती प्रौद्योगिकी, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम में पुस्तक में शामिल कई प्रमुख हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन, पूर्व भारतीय राजदूत अरुण के. सिंह, नवतेज सरना, अमिताभ कांत, विदुर गुप्ता और मोंटेक सिंह अहलूवालिया शामिल रहे। इन हस्तियों ने भारत-अमेरिका संबंधों के विकास की यात्रा और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

आयोजकों ने विश्वास जताया कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का भविष्य और अधिक मजबूत होगा तथा दोनों देशों के संबंधों का अगला अध्याय पहले से भी अधिक प्रभावशाली साबित होगा।

–आईएएनएस

केआर/


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