UP: इलेक्ट्रिक वाहनों की रिकॉर्ड रफ्तार: प्रदेश में 15.72 लाख पार पहुंची ‘पर्यावरण मित्र’ गाड़ियों की संख्या

पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों और लोगों में पर्यावरण प्रदूषण के प्रति चिंता के कारण प्रदेश में पर्यावरण मित्र इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 30 अप्रैल 2026 तक परिवहन विभाग में 15 लाख 72 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इसमें स्कूटर और बाइक की संख्या 2 लाख 88 हजार से अधिक है। इलेक्ट्रिक वाहन वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण पर भी अंकुश लगा रहे हैं। लखनऊ संभाग में ट्रांसपोर्ट और नान ट्रांसपोर्ट ईवी वाहनों की संख्या 1,55,233 तक पहुंच गई है। इसमें 42,358 दोपहिया वाहन हैं।

सबसे ज्यादा ई-रिक्शा, दोपहिया के खरीदार

30 अप्रैल 2026 तक ट्रांसपोर्ट वाहनों के आंकड़ों में सबसे ज्यादा ई-रिक्शा रहे। निजी दोपहिया गाड़ियां दूसरे नंबर पर रहीं। प्रदेश में ई-रिक्शा (यात्री) की संख्या 9,48,887 और दोपहिया गाड़ियों की 2,88,319 हो गई।

खाड़ी युद्ध के बाद एक माह में बिके 30,779 ईवी

ईरान, इजराइल-अमेरिका युद्ध के दौरान मात्र एक माह यानी 28 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो महीनेभर यानी अकेले एक माह में 30,779 इको फ्रेंडली गाड़ियां बिकी हैं। जो अब तक बिकने वाले वाहनों में सबसे ज्यादा है।
चार ट्रैक्टर और एक एक्सरे वैन भी दर्ज

ऐसा नहीं है कि प्रदेश में हल्के ईवी ही लोगों की पसंद हैं, भारी कृषि कार्य में आने वाले ट्रैक्टरों की ओर भी लोगों का रुझान है। ट्रैक्टर की संख्या चार तो एक एक्सरे वैन भी आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हो चुकी हैं। यही नहीं 135 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट भी रजिस्टर्ड हैं।

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